Wednesday, 9 April 2014

टूटने लगे आसाराम के साधक

टूटने लगे आसाराम के साधक....

शाहजहांपुर : आसाराम बापू के खिलाफ नित नए सबूत मिलने पर अब उनके साधक भी टूटने लगे है। आसाराम को भगवान मानने वाले साधक भी अब उनको शैतान कहने से गुरेज नहीं कर रहे। पीलीभीत के एक साधक ने इसकी बानगी पेश कर दी। सोमवार को इस साधक ने शाहजहांपुर पहुंचकर पीड़िता का घर तलाशा। वहां तैनात पुलिस कर्मियों को पीड़िता के पिता के नाम मानव के देवता और शैतान बनने की कहानी शीर्षक का एक पत्र सौंपा।
पीलीभीत के राजाबाग कालोनी निवासी महेश भागवानी नाम के व्यक्ति ने पीड़िता के पिता को दिए गए पत्र में कहा कि भगवान की तरह आसाराम को पूजने वाली नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म से वह हैरान व परेशान है। बागवानी से कहा कि आसाराम खुद को भगवान कहते हैं, यदि ऐसा है तो वह भगवान से साक्षात्कार से बच जाएंगे, यदि देवी स्वरूपा कन्या के साथ दुष्कर्म किया है तो उनकी शक्तिया नष्ट होंगी और उन्हें जेल में रहना होगा। भागवानी ने साधकों का आह्वान किया कि अब वह अंध भक्ति से बाहर आकर इंतजार करें। यदि आसाराम वाकई भगवान है, उनके पास शक्ति है तो वह खुद बाहर आ जाएंगे, अन्यथा की स्थिति में साधकों को खुद सोचना चाहिए, बहादुर बेटी सही है या फिर आसाराम..।
फोन से परेशान रहा न्यूयार्क का सुखविंदर
न्यूयार्क के सुखविंदर के पास भारत से तमाम लोगों का फोन गया। छह लोगों ने सुखविंदर की सराहना की, जबकि एक महिला ने आसाराम को संत बताते हुए टिप्पणी के लिए कोसा। सुखविंदर ने जागरण को बताया कि रात में उसके मोबाइल पर कई मिस कॉल थी। सुबह जब उसने फोन किया तो वाराणसी, मथुरा, दिल्ली, गाजियाबाद आदि क्षेत्रों के लोगो की काल थी। सुखविंदर ने बताया कि पीड़िता की दिलेरी की सराहना के लिए उसे लोगों ने बधाई दी, लेकिन मथुरा से काल करने वाली एक महिला ने आलोचना की। महिला का कहना था कि वह शाहजहांपुर की निवासी है, उसके बापू ऐसा काम नहीं कर सकते। सुखविंदर ने बताया कि वह फोन से बेहद परेशान रहा, लेकिन खुशी इस बात की है कि उसकी भावना को लोगों ने समझा और सराहा..।

Source : http://www.jagran.com/news/state-asaram-10747676.html

'सच का सामना' करें आसाराम

'सच का सामना' करें आसाराम

शाहजहांपुर : आसाराम बापू के समर्थन में चल रही लामबंदी से दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के पिता खासे आहत हैं। उन्होंने ऐसे अंध भक्तों के लिए चुनौती भी दी है कि अगर घटना झूठी है तो आसाराम 'सच का सामना' करके दिखाएं। मांग उठाई, पुलिस आसाराम का पॉलीग्राफ टेस्ट और ब्रेन मैपिंग कराए। इन मेडिकल टेस्ट से दुनिया खुद ही सच जान जाएगी और झूठ बेनकाब होगा। वह चाहे मैं ही क्यों न हूं।
'जागरण' से बातचीत में पीड़िता के पिता ने कहा कि तमाम वैज्ञानिक विधियां है, जिनके जरिए सच का पता किया जा सकता है। यदि साधक उनकी बेटी को गलत और बापू को सही मानते हैं तो पुलिस यह टेस्ट जरूर कराए। नारको टेस्ट हो। उन्होंने कहा कि उनका परिवार हर तरह की जांच के लिए तैयार है। पीड़िता के पिता ने सीबीआइ जांच पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग आसाराम का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें भी सीबीआइ जांच की मांग करनी चाहिए, ताकि सत्य का पता चल सके और समय रहते वह भी छल से बच सकें।
भ्रमित करने में माहिर हैं आसाराम
छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि आसाराम बापू और उनके दत्तक पुत्र सुरेशानंद लोगों को भ्रमित करने में माहिर हैं। जो कोई भी उनसे एक बार आंखों में आंखों डालकर बात कर लेता है, वह फिर उन्हें छोड़ नहीं पाता। ऋषि प्रसाद समेत कुछ खास साहित्य के जरिये साधकों को घर बैठे सम्मोहित करने की कोशिश की जाती है। दीक्षा के दौरान आसाराम साधकों को मीडिया के खिलाफ भड़काकर उन्हें न्यूज चैनल के बजाय आश्रम से जुड़े तीन चैनल देखने की सलाह देते हैं। जबकि सुरेशानंद गुरु के प्रति निष्ठा व उन्हें भगवान मान पूजने को प्रेरित करते हैं।
छात्रा के पिता ने बताया कि ऋषि प्रसाद पत्रिका पढ़ने के बाद वह 2001 में बरेली सत्संग को गए। वहां की व्यवस्था देख इस कदर प्रभावित हुए कि अप्रैल 2001 में ही अहमदाबाद जाकर दीक्षा ले ली। दीक्षा में आसाराम बापू ने मीडिया वालों को धर्म विरोधी, संत विरोधी, संस्कृति विरोधी बताते हुए न्यूज चैनल कदापि न देखने की सलाह दी। दत्तक पुत्र सुरेशानंद ने गुरु को ही भगवान का स्वरूप बताते हुए सच्ची निष्ठा को प्रेरित किया। प्रति माह गुरु के दर्शन (पूनम दर्शन) को मन वांछित फल वाला बताया। तीसरे मंत्र में साधना, सेवा और जप के लिए प्रेरित किया गया लेकिन अब उनकी असलियत का पता चला।

Source :  http://www.jagran.com/news/state-aasaram-case-10715714.html

आसाराम का पीड़िता से सामना आज

आसाराम का पीड़िता से सामना आज
शाहजहांपुर : बुधवार को दुष्कर्म आरोपी आसाराम का पीड़िता से सामना होगा। जोधपुर कोर्ट ने पीड़िता को बयान के लिए बुला लिया है। उधर कोर्ट के निर्देश पर आसाराम को आयुर्वेदिक अस्पताल से भी छुट्टी दे दी गई। इसी बीच आसाराम की जमानत पर भी सुनवाई होगी।
जोधपुर के सिविल कोर्ट में बुधवार को पहले आसाराम की जमानत पर सुनवाई होगी, इसके बाद पीड़िता के बयान दर्ज होंगे। इससे पूर्व पीड़िता को कोर्ट ने 25 मार्च को बयान के लिए बुलाया था। लेकिन आसाराम के वकीलों ने आरोपी की मौजूदगी में बयान दर्ज किए जाने की दलील देकर नौ अप्रैल की तारीख ले ली थी। पीड़िता के वकील की दलील पर कोर्ट ने आसाराम को आयुर्वेदिक अस्पताल से छुट्टी दे दी है। लेकिन आसाराम के वकीलों ने जमानत की अर्जी फिर से डाल दी है। इस पर कोर्ट बुधवार को ही सुनवाई करेगा।

Source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-11220014.html

आसाराम की जांच सीबीआई के हाथ?

आसाराम की जांच सीबीआई के हाथ?

जयपुर [नरेन्द्र शर्मा]। जोधपुर स्थित आश्रम की कुटियां में नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे आसाराम बापू प्रकरण और इस मामले में अब तक की कार्रवाई की पड़ताल जल्द ही सीबीआई के हाथों में जा सकती है। दरअसल, बुधवार को मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।
मुख्य न्यायाधीश अमिताव रॉव और न्यायाधीश अरुण भंसाली की खण्डपीठ ने बुधवार को इस पर प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई करने के आदेश दिए है। दिल्ली निवासी अजय गौतम की ओर से यह याचिका पेश की गई है।
मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ में बुधवार को याचिकाकर्ता ने स्वयं पैरवी करते हुए कहा कि आसाराम मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से लगता है कि पुलिस दबाव में कार्य कर रही है। उन्होंने फास्ट ट्रेक कोर्ट में मामले की सुनवाई करने और सीबीआई से अनुसंधान करवाने का आग्रह किया।
प्रारम्भिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई करने का आदेश दिया। 21 अगस्त को आसाराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके दो दिन बाद आसाराम अपने आश्रम में पीडि़ता नाबालिग छात्रा को धमकाते हैं कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने वालों को पछताना पड़ेगा। 26 अगस्त को पुलिस उपायुक्त बयान देते हैं कि आसाराम के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 के आरोप साबित नहीं होते। 30 अगस्त तक आसाराम को पुलिस के समक्ष पेश होने की मोहलत दी जाती है। जबकि आसाराम की जगह अन्य कोई आरोपी होता तो उसे सबसे पहले गिरफ्तार किया जाता फिर कोई अन्य कार्रवाई होती। 31 अगस्त को एफआईआर दर्ज होने के दस दिन बार आसाराम को गिरफ्तार किया गया। मामले की सहआरोपी शिल्पी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगता है। इधर इस मामले में फरार चल रही आसाराम के छिंदवाडा स्थित गुरूकुल की वॉर्डन शिल्पी ने बुधवार को अग्रिम जमानत की याचिका लगाई है।
Source : http://www.jagran.com/news/state-10718216.html

आसाराम के काले धन की जांच रिपोर्ट भेजी मुंबई, गुजरात

आसाराम के काले धन की जांच रिपोर्ट भेजी मुंबई, गुजरात....

जयपुर, जागरण संवाद केंद्र। राजस्थान के आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने जोधपुर जेल में बंद आसाराम बापू और उसके बेटे नारायण सांई के राजस्थान में काला धन होने की जांच रिपोर्ट गुजरात और मुंबई आयकर विभाग को भेजी है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आसाराम और नारायण सांई का राजस्थान के जोधपुर और उदयपुर में अच्छा खासा निवेश है। इन्होंने जोधपुर में म्युच्युअल फंड और उदयपुर में सेवकों के माध्यम से निवेश कर रखा है।
आयकर विभाग राजस्थान की अन्वेषण शाखा ने इस संबंध में आसाराम और उसके बेटे को दो बार नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा था लेकिन उन दोनों की ओर से अब तक कोई भी जवाब नहीं आया। इस पर आयकर विभाग ने इस निवेश को कालाधन मानकर इसकी जांच रिपोर्ट मुंबई और गुजरात आयकर विभाग को भेजी है।
गौरतलब है कि आयकर विभाग राजस्थान को काफी समय से यह सूचना मिल रही थी कि आसाराम और नारायण सांई का राजस्थान में काला धन निवेश किया गया है। इस पर विभाग ने दोनों के निवेश की जानकारी जुटाई और उसकी जांच रिपोर्ट तैयार की।
हालांकि आसाराम का आयकर संबंधी पूरा नाम मुंबई और गुजरात में होता है इसलिए जांच रिपोर्ट इन दोनों जगहों पर भेजी गई है।
Source : http://www.jagran.com/rajasthan/jaipur-11205688.html
 

Tuesday, 1 April 2014

आफत में आसाराम :हवाला से रोज करोड़ों की आय

आफत में आसाराम :हवाला से रोज करोड़ों की आय
शाहजहांपुर : दुष्कर्म के आरोप में फंसे आसाराम हवाला कारोबार के भी माफिया हैं। यह खुलासा किया पीड़िता के गवाह और आसाराम के पूर्व सचिव राहुल के सचान ने। 'जागरण' से बातचीत में उन्होंने कहा कि सूरत पुलिस ने तो शुरुआती जांच में दस हजार करोड़ की संपत्ति के कागजात पाए। जबकि देश में हजारों साधकों के यहां ऋषि प्रसाद पत्रिका के बंडलों में करीब दो लाख करोड़ की संपत्ति के कागजात भरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि दान, गौशाला, सत्संग, गरीब बच्चों की शिक्षा व सेवा के नाम पर मिलने वाली रकम को हवाला में लगाकर आसाराम और उसका बेटा नारायण साई डेढ़ दशक पूर्व प्रतिदिन 1.90 करोड़ रोज ब्याज के रूप में कमाते थे। अब ब्याज की राशि दस करोड़ प्रतिदिन से अधिक हो सकती है। यही वजह है कि ईडी ने भी जांच शुरू कर दी है। यदि ठीक से जांच हुई तो आसाराम के आर्थिक साम्राज्य का सच सामने आ जाएगा।
कानपुर निवासी राहुल के सचान आसाराम के निजी सचिव समेत वित्तीय मामले के प्रमुख सेवादार व खजांची रहे। एमबीए पास आउट राहुल ने करीब दशक भर तक आसाराम के अति गोपनीय मामलों की जिम्मेदारी संभाली। मुंहबोली बहन के साथ दुष्कर्म देख उन्होंने आसाराम का साथ छोड़ दिया। शाहजहांपुर की पीड़िता पक्ष के राहुल गवाह है। जोधपुर के अलावा सूरत, अहमदाबाद पुलिस ने भी राहुल को आसाराम और नरायण साई के मामल में सरकारी गवाह बनाया है। 'जागरण' से बातचीत में राहुल के सचान ने दावा किया कि आसाराम का हवाला कारोबार अमेरिका, मिडलैंड, दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, इंदौर, जोधपुर, भोपाल, कानपुर आदि समेत दर्जनों महानगरों व नगरों तक फैला है। कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों में आसाराम के हवाला का पैसा लगा है। उन्होंने बताया कि नेटवर्क में जुड़े विश्वासपात्र साधकों के माध्यम से जमाए गए कारोबार की बदौलत 1998 में ही हवाला से 1.9 करोड़ प्रतिदिन ब्याज के रूप में आय थी। त्योहारी दान, पेटी दान, आश्रम निर्माण चंदा, गरीब बच्चों की पढ़ाई में सहयोग से मिलने वाली राशि के साथ ही दान में मिलने वाला सोना भी हवाला का हिस्सा होता था। राहुल ने दावा किया देश में तमाम साधक के यहां आसाराम की बेनामी संपत्ति के कागजात तथा रुपया ऋषि प्रसाद पत्रिका के बंडलों में भरा पड़ा है। राहुल का कहना है कि आसाराम का जिस दिन पाप की कमाई से खड़ा आर्थिक साम्राज्य ढहना शुरू होगा उसी दिन से वह हार मानेगा अन्यथा वह गवाहों और पीड़ितों को हमले से डराकर बच निकलेंगे।
source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-millaniyam-earn-by-havala-11199773.html


भले चंगे आसाराम जेल से कैसे गए अस्पताल...?

भले चंगे आसाराम जेल से कैसे गए अस्पताल...?
भले चंगे आसाराम जेल से कैसे गए अस्पताल...?













जोधपुर। नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे आसाराम बापू को अभी हाल ही में अनिंद्रा और बदन दर्द की शिकायत के बाद आयुर्वेद अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि वह ‘अनंत वात’ से ग्रसित हैं और उन्हें अपनी शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई हो रही है। ‘पंच कर्म’ से उनका इलाज चल रहा है| उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच थर्ड फ्लोर पर तीन बेड के विशेष वार्ड में रखा गया। लेकिन अभी जो खबर आ रही है वह बेहद हैरान कर देने वाली है| अस्पताल सूत्रों की माने तो आसाराम को कोई बीमारी नहीं है वह बिल्कुल चंगे भले है| दिन में तीन बार भोजन कर रहे हैं और सुबह उठकर कम से कम पचास बैठक लगाते हैं| योगा करते हैं और जो चाहे वह खाते पीते हैं| अस्पताल में आसाराम अपनी मालिश तो करवा ही रहे हैं साथ ही उनकी वर्जिश भी जारी है| आसाराम की निगरानी में लगे थानेदार जे एस चौधरी ने भी कहा है कि आसाराम को कोई बीमारी नहीं है वह बिलकुल स्वस्थ हैं| इसके अलावा अस्पताल के लैब टेक्नीशियन ने भी बताया कि आसाराम एकदम फिट हैं| इतना ही नहीं उनके वकील ने भी माना है कि आसाराम को कोई बीमारी नहीं है|

गौरतलब है कि आसाराम ने जेल प्रशासन से शिकायत की थी कि कुछ समय से वह अनिद्रा और बदन दर्द से ग्रसित हैं। इसके बाद जेल प्रशासन उन्हें राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय ले गया। जहाँ आसाराम का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा था कि उन्हें चलने-फिरने में ज्यादा तकलीफ हो रही है। वहीं आधे चेहरे पर अटैक आने की शिकायत है। इसमें दांत अथवा मुंह में इन्हें कभी भी अटैक आ जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि वे कई दिनों से अनंत वात का इलाज कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें चलने में भी ज्यादा तकलीफ हो रही है। इसलिए उन्हें सात दिन के लिए भर्ती किया गया है। जेल अधीक्षक राकेश मोहन शर्मा ने कहा था कि अदालत ने आसाराम के इलाज के आदेश दे रखे हैं। चिकित्सकों ने गंभीर परेशानी बताते हुए उन्हें भर्ती किया है।

अब सवाल यह उठता है कि जहाँ अस्पताल के लैब टेक्नीशियन और आसाराम के वकील उन्हें भला चंगा बता रहे हैं तो ऐसे में उन्हें जेल से अस्पताल में कैसे भर्ती कर दिया गया? वहीँ, दूसरी खबर यह भी आ रही है कि जयपुर विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को गोनेर रोड गोविंदपुरा स्थित रेप आरोपी आसाराम के आश्रम की ओर से सरकारी जमीन पर किए अतिक्रमण में से संत्सग गृह और कुछ अन्य हिस्से को ध्वस्त किया। प्राधिकरण सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्राधिकरण ने आश्रम प्रबंधकों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर यह कार्यवाही की है।

उल्लेखनीय है कि धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों की आड़ में आश्रम संचालकों ने कुल 11 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा किया था। आसाराम आश्रम ट्रस्ट की खातेदारी भूमि का क्षेत्रफल 2.12 हैक्टेयर ही है, जिसे एक भक्त ने दिया था। जबकि, सेटलमेंट विभाग की पैमाइश में मौके पर 3.96 हैक्टेयर जमीन पर कब्जा पाया गया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर हुई। खसरा संख्या 1229 में 0.30 हैक्टेयर जमीन के हिस्से पर योग साधना केन्द्र, संत निवास, बगीचा, खेती की गई है। इसी तरह 1232/1 में 0.61 हैक्टेयर भूमि के कुछ भाग पर सत्संग भवन व खेल मैदान और खसरा संख्या 1233/1 में 0.80 हैक्टेयर जमीन पर छात्रावास स्कूल का हिस्सा व पुख्ता निर्माण, खेल मैदान बनाकर कब्जा किया गया है। खसरा संख्या 1227/3 में निजी खातेदारी की जमीन में से 0.20 हैक्टेयर पर भी कब्जा होना सामने आया है। इसके अलावा कई बीघा ऎसी जमीन भी है, जहां फेंसिंग कर खेती की जा रही थी।
source : http://hindi.pardaphash.com/news/756836/756836.html