आफत में आसाराम :हवाला से रोज करोड़ों की आय
शाहजहांपुर : दुष्कर्म के आरोप में फंसे आसाराम हवाला कारोबार के भी माफिया हैं। यह खुलासा किया पीड़िता के गवाह और आसाराम के पूर्व सचिव राहुल के सचान ने। 'जागरण' से बातचीत में उन्होंने कहा कि सूरत पुलिस ने तो शुरुआती जांच में दस हजार करोड़ की संपत्ति के कागजात पाए। जबकि देश में हजारों साधकों के यहां ऋषि प्रसाद पत्रिका के बंडलों में करीब दो लाख करोड़ की संपत्ति के कागजात भरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि दान, गौशाला, सत्संग, गरीब बच्चों की शिक्षा व सेवा के नाम पर मिलने वाली रकम को हवाला में लगाकर आसाराम और उसका बेटा नारायण साई डेढ़ दशक पूर्व प्रतिदिन 1.90 करोड़ रोज ब्याज के रूप में कमाते थे। अब ब्याज की राशि दस करोड़ प्रतिदिन से अधिक हो सकती है। यही वजह है कि ईडी ने भी जांच शुरू कर दी है। यदि ठीक से जांच हुई तो आसाराम के आर्थिक साम्राज्य का सच सामने आ जाएगा।
कानपुर निवासी राहुल के सचान आसाराम के निजी सचिव समेत वित्तीय मामले के प्रमुख सेवादार व खजांची रहे। एमबीए पास आउट राहुल ने करीब दशक भर तक आसाराम के अति गोपनीय मामलों की जिम्मेदारी संभाली। मुंहबोली बहन के साथ दुष्कर्म देख उन्होंने आसाराम का साथ छोड़ दिया। शाहजहांपुर की पीड़िता पक्ष के राहुल गवाह है। जोधपुर के अलावा सूरत, अहमदाबाद पुलिस ने भी राहुल को आसाराम और नरायण साई के मामल में सरकारी गवाह बनाया है। 'जागरण' से बातचीत में राहुल के सचान ने दावा किया कि आसाराम का हवाला कारोबार अमेरिका, मिडलैंड, दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, इंदौर, जोधपुर, भोपाल, कानपुर आदि समेत दर्जनों महानगरों व नगरों तक फैला है। कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों में आसाराम के हवाला का पैसा लगा है। उन्होंने बताया कि नेटवर्क में जुड़े विश्वासपात्र साधकों के माध्यम से जमाए गए कारोबार की बदौलत 1998 में ही हवाला से 1.9 करोड़ प्रतिदिन ब्याज के रूप में आय थी। त्योहारी दान, पेटी दान, आश्रम निर्माण चंदा, गरीब बच्चों की पढ़ाई में सहयोग से मिलने वाली राशि के साथ ही दान में मिलने वाला सोना भी हवाला का हिस्सा होता था। राहुल ने दावा किया देश में तमाम साधक के यहां आसाराम की बेनामी संपत्ति के कागजात तथा रुपया ऋषि प्रसाद पत्रिका के बंडलों में भरा पड़ा है। राहुल का कहना है कि आसाराम का जिस दिन पाप की कमाई से खड़ा आर्थिक साम्राज्य ढहना शुरू होगा उसी दिन से वह हार मानेगा अन्यथा वह गवाहों और पीड़ितों को हमले से डराकर बच निकलेंगे।
source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-millaniyam-earn-by-havala-11199773.html
शाहजहांपुर : दुष्कर्म के आरोप में फंसे आसाराम हवाला कारोबार के भी माफिया हैं। यह खुलासा किया पीड़िता के गवाह और आसाराम के पूर्व सचिव राहुल के सचान ने। 'जागरण' से बातचीत में उन्होंने कहा कि सूरत पुलिस ने तो शुरुआती जांच में दस हजार करोड़ की संपत्ति के कागजात पाए। जबकि देश में हजारों साधकों के यहां ऋषि प्रसाद पत्रिका के बंडलों में करीब दो लाख करोड़ की संपत्ति के कागजात भरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि दान, गौशाला, सत्संग, गरीब बच्चों की शिक्षा व सेवा के नाम पर मिलने वाली रकम को हवाला में लगाकर आसाराम और उसका बेटा नारायण साई डेढ़ दशक पूर्व प्रतिदिन 1.90 करोड़ रोज ब्याज के रूप में कमाते थे। अब ब्याज की राशि दस करोड़ प्रतिदिन से अधिक हो सकती है। यही वजह है कि ईडी ने भी जांच शुरू कर दी है। यदि ठीक से जांच हुई तो आसाराम के आर्थिक साम्राज्य का सच सामने आ जाएगा।
कानपुर निवासी राहुल के सचान आसाराम के निजी सचिव समेत वित्तीय मामले के प्रमुख सेवादार व खजांची रहे। एमबीए पास आउट राहुल ने करीब दशक भर तक आसाराम के अति गोपनीय मामलों की जिम्मेदारी संभाली। मुंहबोली बहन के साथ दुष्कर्म देख उन्होंने आसाराम का साथ छोड़ दिया। शाहजहांपुर की पीड़िता पक्ष के राहुल गवाह है। जोधपुर के अलावा सूरत, अहमदाबाद पुलिस ने भी राहुल को आसाराम और नरायण साई के मामल में सरकारी गवाह बनाया है। 'जागरण' से बातचीत में राहुल के सचान ने दावा किया कि आसाराम का हवाला कारोबार अमेरिका, मिडलैंड, दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, इंदौर, जोधपुर, भोपाल, कानपुर आदि समेत दर्जनों महानगरों व नगरों तक फैला है। कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों में आसाराम के हवाला का पैसा लगा है। उन्होंने बताया कि नेटवर्क में जुड़े विश्वासपात्र साधकों के माध्यम से जमाए गए कारोबार की बदौलत 1998 में ही हवाला से 1.9 करोड़ प्रतिदिन ब्याज के रूप में आय थी। त्योहारी दान, पेटी दान, आश्रम निर्माण चंदा, गरीब बच्चों की पढ़ाई में सहयोग से मिलने वाली राशि के साथ ही दान में मिलने वाला सोना भी हवाला का हिस्सा होता था। राहुल ने दावा किया देश में तमाम साधक के यहां आसाराम की बेनामी संपत्ति के कागजात तथा रुपया ऋषि प्रसाद पत्रिका के बंडलों में भरा पड़ा है। राहुल का कहना है कि आसाराम का जिस दिन पाप की कमाई से खड़ा आर्थिक साम्राज्य ढहना शुरू होगा उसी दिन से वह हार मानेगा अन्यथा वह गवाहों और पीड़ितों को हमले से डराकर बच निकलेंगे।
source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-millaniyam-earn-by-havala-11199773.html
Farzi account banakar ye Mahendra Chawala jaise Gaddar log dusro ki copy karna nahi chod rahe hai. Jo baki news me chap raha hai use hi ye paste kar rahe hai. Unhe ye kahavat to yaad hogi hi par fir bhi nahi sudhar sakte ye. NAKAL KARNE KE LIYE BHI AKAL CHAHIYE VARNA SHAKAL BADAL JATI HAI.
ReplyDeleteKarodo ki aay bhi aati hogi to usme kounsi badi bat hai? Chori to nahi ho rahi ya kisi se jabrdasti paise todi mange ja rahe hai. Jinko fayada hota hai wahi bhakt dakshina ke rup me paise ashram me dete hai. Aur uska bhi istemaal acche kaamo ke liye hi ashramo se kiya jata hai uski bhi jaanch kar sakte ho. Hindu santo ko badnaam karke akhir kyo apne desh ko fir se GULAAM banana chahti hai ye Sarkar etc...
bilkul sahi kaha kinjal aapne .... ab dekho aapka BAPU BHAGWAN SRI KRISHNA KI NAKAL KARNE GAYA OR SHAKAL BADAL GAYI.... BHAGWAN TO JAIL SE NIKAL KAR GOPIYON SATH LEELA KARTE THE OR TUMHARA BAPU.... LEELA SE JAIL GAYA....................
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