Wednesday, 23 April 2014

मुझे कोई शिकवा नहीं, मैं सबको छोडकर जा रहा हूं, कोर्ट में बोले आसाराम

मुझे कोई शिकवा नहीं, मैं सबको छोडकर जा रहा हूं, कोर्ट में बोले आसाराम
मुझे कोई शिकवा नहीं, मैं सबको छोडकर जा रहा हूं, कोर्ट में बोले आसाराम
जोधपुर। मैं सबको छोड कर जा रहा हूं। मुझे किसी से कोई शिकवा-शिकायत नहीं हैं, लेकिन मानवाधिकार का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। सोमवार को कोर्ट में पेश करने पर आसाराम ने सिर पकडकर यह बात कही। आसाराम बोले- "मुझे लेटा दो। अस्पताल भेज दो।"

आसाराम को जब सेंट्रल जेल से कोर्ट लाया गया तब वह गाडी की सीढियों पर ही बैठ गए और बोले- "तबीयत ठीक नहीं है।" कोर्ट में कुछ देर रूकने के बाद जब आसाराम ने कहा, "मुझे फंसाया जा रहा है। मैं बीमार हूं।" इस पर जज मनोज कुमार व्यास ने कहा- "जेल मैन्युअल के अनुसार कार्रवाई हो।"

जब जज ने जेल मैन्युअल के अनुसार कार्रवाई करने के लिए कहा तो मौजूद पुलिस अधिकारी ने उन्हें पुलिस के वाहन से पावटा अस्पताल चलने को कहा, मगर वह एंबुलेंस से ही आयुर्वेद विश्वविद्यालय जाने की जिद करने लगे। एंबुलेंस के नहीं पहुंचने पर पुलिस अधिकारी आसाराम को पुलिस वाहन में ही जेल तक छोडकर आए। जहां डिस्पेंसरी में उसे चेक किया गया। इसके बाद आयुर्वेद विश्वविद्यालय भेज दिया गया। यहां डॉक्टरों ने दवाई देकर दुबारा जेल भेज दिया।
Source : http://www.khaskhabar.com/hindi-news/National-rajasthan-news-asaram-feels-dizzyness-in-court-room-22510844.html

आसाराम का सेहत खराबी का दांव फेल

आसाराम का सेहत खराबी का दांव फेल
 
आसाराम का सेहत खराबी का दांव फेल
लखनऊ। दुराचार के आरोपसे निकलने को आसाराम का हाथ-पैर मारना भारी पड़ रहा है। सच की ताकत ने उनके सेहत खराबी के दांव की हवा निकाल दी। कोर्ट में दर्द और बेहोशी का नाटक कर पीड़िता और दिल्ली पुलिस की एसआइ के बयान रोकने की उनकी पोल खुल गई। आसाराम ने जिस अस्पताल से उपचार की डिमांड की थी वहां के चिकित्सकों ने उनको स्वस्थ बताकर भर्ती करने से इन्कार कर दिया। इस पर कोर्ट ने आसाराम को जेल भेज दिया और बयान के लिए 25 अप्रैल की तिथि मुकर्रर कर दी है।
शाहजहांपुर में पीड़िता के पिता ने बताया कि आसाराम ने नया दांव चलकर फिर मुसीबत खड़ी कर दी है। उन्होंने पीड़िता के सरकारी वकील अभियोजन अधिकारी आरएल मीना की नियुक्ति पर सवाल उठाकर बयान टालने की कोशिश की है। सोमवार को जोधपुर कोर्ट में आसाराम ने सीने में दर्द की शिकायत कर आयुर्वेदिक उपचार की मांग की थी। नतीजतन पीड़िता समेत दिल्ली पुलिस की एसआइ पुष्पलता के बयान दर्ज नहीं हो सके। कोर्ट ने आसाराम को उपचार के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल भेजा, लेकिन अस्पताल ने आसाराम को स्वस्थ बताकर भर्ती करने से ही मना कर दिया। पीड़िता के पिता ने बताया कि इस पर कोर्ट ने आसाराम को जेल भेज दिया। लेकिन अब आसाराम के वकीलों ने अभियोजन अधिकारी राजूलाल मीना की नियुक्ति पर सवाल उठाकर व्यवधान की कोशिश की है।
पीड़िता की शीघ्र न्या की गुहार
न्याय में देरी से पीड़िता के पिता आहत हैं। कहा कि उनकी बेटी की घटना के सप्ताह भर बाद ही मुंबई के शक्ति मिल में रेप हुआ था। इस मामले में फैसला आ चुका है, दोषियों को फांसी की सजा हो गई जबकि उनकी बेटी समेत 58 गवाहों की बयान बाकी हैं। उन्होंने शक्ति मिल कांड की तर्ज पर फैसले की गुहार लागाई है।
Source :  http://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-11254736.html

Tuesday, 22 April 2014

आसाराम की कुटिया देखो आखें फटी की फटी रह जाएंगी

आसाराम की कुटिया देखो आखें फटी की फटी रह जाएंगी

भोपाल। क्या आपने इन्दौर में स्थित आसाराम की कुटिया को देखा है। 'कुटिया' शब्द के साथ ही ऐसा लगता है जैसे संतों को विश्राम के लिए छोटा सा शांत स्थान, लेकिन इन्दौर में कुटिया के नाम पर जो कुछ है वो किसी भी मल्टी करोड़पति के लक्झरी बंगले से कहीं ज्यादा है।

इस कुटिया में ​स्वीमिंग पुल, विदेशी पेड़, सीसी टीवी कैमरे, लक्झरी बेडरूम, लॉन और पूरे आश्रम पर नजर रखने के लिए टॉवर बनाया गया है। यह कुटिया 5000 स्वे फिट से ज्यादा इलाके में बनाई गई है और इसमें किसी भी खासोआम का प्रवेश हमेशा से ही प्रतिबंधित रहा है। तो ऐसी लक्झरी सुपर ड्यूप्लेक्स किलेनुमा कोठी को आसाराम की 'कुटिया' कहा जाता था जहां वो एकांतवास किया करते थे।

प्रशासन की 'जरीब' [जमीन नापने की जंजीर] से शनिवार को इंदौर के खंडवा रोड स्थित आसाराम आम का चप्पा--चप्पा नाप दिया गया। सरकारी नपती के बहाने पहली बार आसाराम की कुटिया का नजारा भी आम हो गया। आसाराम और नारायण साई के एकांतवास की गवाह रही 'कुटिया' अच्छे खासे बंगलो को भी मात दे रही थी।

'बापू' के इस आरामगाह में ऐशोआराम की तमाम सुविधाओं के साथ स्वीमिंग पूल भी बना था। आश्रम के पश्चिमी कोने में बनी इस कुटिया का वैभव देख अधिकारियों की आंखें भी फटी रह गई। हालांकि आसाराम के 'सेवादारों' के आगे अधिकारियों की भी नहीं चली। आसाराम के बंगलों की बाउंड्री के बाहर ही एसडीएम, टीआई और तहसीलदार समेत प्रशासन की पूरी टीम के जूते उतरा लिए।

शासन से लीज पर ली गई जमीन के हिसाब--किताब की जांच करने शनिवार सुबह सा़ढे दस बजे जिला प्रशासन का अमला आम पहुंचा। टीम में एसडीएम विजय अग्रवाल, एसएलआर राकेश शर्मा, तहसीलदार पूर्णिमा सिंगी के साथ राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों का पूरा दल शामिल था।

दिग्विजय सिंह के शासन काल में कुल 6.869 हेक्टेयर जमीन आसाराम को लीज पर दी गई थी। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि लीज की आड़ में आसाराम के लोगों ने आसपास की सरकारी जमीन को भी दबा लिया है। साथ ही लीज-डीड में उल्लेखित शर्तो का भी उल्लंघन किया जा रहा है। शिकायत के बाद कलेक्टर ने जमीन की नपती और उपयोग की जांच आदेश देते हुए टीम को नपती के लिए भेज दिया।

राजस्व निरीक्षकों ने जरीब के जरिए आश्रम के मुख्य द्वार से जमीन की नपती शुरू की। पहले पूरे आश्रम को नापा गया। इसके बाद टीम सामने बने आसाराम गुरुकुल में पहुंच गई। दोपहर 2.40 बजे तक नपती का दौर चलता रहा। इस बीच यह तो साफ हो गया कि लीज के विपरीत आसाराम आम ने जमीन का उपयोग बदल लिया है। साथ ही नियम विरद्ध जमीन पर पक्के निर्माण और व्यवसायिक गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं, जबकि आश्रम को सिर्फ योग केंद्र और औषधि उद्यान के लिए ही जमीन लीज पर दी गई थी।

छुपी हुई एशगाह

आम के मुख्य परिसर के पश्चिमी कोने पर गीता वाटिका नामक हिस्सा बनाया हुआ। बगीचेनुमा इस हिस्से में बड़ा गेट लगाकर प्रवेश बंद किया है। आसाराम, नारायण साई और उनके करीबी लोगों को ही इस हिस्से के अंदर दाखिल होने की इजाजत है। पेड़ों से ढंके हिस्से के पीछे की ओर आसाराम की कुटिया बनाई गई है, जो आश्रम के दूसरे हिस्सों से नजर भी नहीं आती। कुटिया से सीमेंटेड सीधा रास्ता आश्रम के बाहरी हिस्से में बने प्रवचन हॉल की व्यास पीठ की पीछे तक जाता है। जाहिर है यहां से निकलकर आसाराम और नारायण साई सीधे प्रवचन हॉल में प्रकट हो सकते हैं।

ऐसी है कुटिया

-- आसाराम की कुटिया असल में करीब पांच हजार वर्ग फीट में बना ढाई मंजिला बंगलो है।
-- यह करीब सात फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल से घिरा है
--कुटिया के कंपाउंड में प्रवेश करने के लिए सामने एक बड़ा मुख्य द्वार है
-- कंपाउंड के पिछले हिस्से और बाउंड्रीवॉल के अंदर दाहिनी ओर एक-एक छोटा दरवाजा
-- इन दोनों पिछले दरवाजों तक आम के अंदरूनी पिछले हिस्से से ही पहुंचा जा सकता है, जहां आम भक्त या लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित है
-- कंपाउंड के बीचोबीच ढाई मंजिला आसाराम का आवास और पास ही एक मंजिला मकान है
-- आसाराम आवास की तल मंजिल पर उनका आरामगाह है, जबकि सबसे ऊपर वॉच टावर जैसी सरंचना बनी हैं, जहां पर पहुंचकर पूरे आश्रम को देखा जा सकता है
-- आसाराम की इस कुटिया के पीछे और दाएं--बाएं बगीचा बना है। पीछे के बगीचे में झूला और दो कुर्सियां लगी हैं
-- कुटिया के अंदर दाखिल होने वाले दरवाजे से लेकर दीवारों के चारों कोनों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं
-- कुटिया के मुख्य द्वार में दाखिल होते से बाई ओर एक कार पार्किंग, जबकि दाहिनी ओर स्वीमिंग पूल भी बना हुआ है।
-- स्वीमिंग पुल में उतरने के लिए स्टील की सीढि़या तो हैं ही किनारे पर एक खास सीट भी बनी है, जो शायद संत के बैठने के लिए है।
-- आसाराम के आरामगाह के इस कंपाउंड में बगीचे को सजाने के लिए लैंडस्केपिंग की गई है।
-- आम--आंवले के पेड़ के साथ साइकस जैसे महंगे विदेशी पेड़ भी कुटिया के बगीचे में रोपे गए हैं।
-- कुटिया के पिछले दरवाजे से निकलकर सीधे बिलावली तालाब की पाल पर पहुंचा जा सकता है।

लिंबोदी से बिलावली तक आश्रम को लीज पर दी गई जमीन का एक सिरा लिंबोदी गांव से शुरू होता है, जबकि दूसरा बिलावली में जाकर खत्म होता है। लिंबोदी कांकड़ पर आम बना है। पीछे की जमीन पर कर्मचारियों के रहने के लिए कमरे बने हैं और उसके पीछे खेती की जा रही है। आसाराम के खेत बिलावली तालाब की पाल तक पहुंच गए हैं।

कार्रवाई का आधार

आम के खिलाफ पहली शिकायत 2008 में की गई थी। इसके बाद फिर 2009 में लीज और उपयोग की जांच हुई। तत्कालीन कलेक्टर ने सीमांकन का आदेश दिया, लेकिन आदेश दबा दिया गया। शनिवार की जांच से प्रारंभिक तौर पर आम पर कार्रवाई का आधार नजर आने लगा है। लीज व्यवसायिक गतिविधियों की इजाजत नहीं देती फिर भी वितरण केंद्र बनाकर उत्पाद बेचे जा रहे हैं।

दो दिन में देंगे रिपोर्ट

एसडीएम विजय अग्रवाल के अनुसार लीज पर मिली 6.869 हेक्टेयर जमीन के अलावा आसाराम द्वारा आसपास की दो एकड़ जमीन भी खरीदी गई है। इस तरह कुल करीब साढ़े आठ हेक्टेयर जमीन आम के पास होना चाहिए। नपती के बाद हिसाब होगा तो पता चलेगा कि आम के पास कितनी जमीन ज्यादा है। अभी हम यह भी देख रहे हैं कि कितने हिस्से पर निर्माण किया गया है। नपती के बाद रिकॉर्ड में यह भी जांचा जाएगा कि जमीन के उपयोग की शर्ते क्या हैं और उसका मौजूदा उपयोग किस तरह हो रहा है। दो दिन में पूरी रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपी जाएगी।
Source : http://www.bhopalsamachar.com/2013/09/blog-post_4301.html
 

साजिश नहीं है, स्वयं शनिदेव कर रहे हैं आसाराम के पापों का हिसाब

साजिश नहीं है, स्वयं शनिदेव कर रहे हैं आसाराम के पापों का हिसाब

आसाराम बड़ा नाम था। नाम तो बड़ा अब भी है लेकिन वजह बदल चुकी है। भक्ति के लिए जाने जाने वाले आसाराम को अंदाज़ा ही नहीं रहा कि आखिर वो कब क्या कर रहे हैं और लोगों को धार्मिक आध्यात्मिक संदेश देने वाले इस कथित धर्मगुरू को इस बात का भी अंदाज़ा नहीं रहा कि हर शनिवार उसके पापों का हिसाब हो रहा है।

31 अगस्त की आधी रात ही आसाराम की इंदौर आश्रम से गिरफ्तारी हुई लेकिन क्या ये संयोग है कि ये शनिवार की ही रात थी

आसाराम का शनि कांड सिर्फ़ इसी साल हुई गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं है। साल 2008 को याद कीजिये। अहमदाबाद के साबरमति आश्रम में दीपेश और अभिषेक नाम के बच्चों की गुमशुदगी के दो दिन बाद 5 जुलाई को ही उनका शव आश्रम से मिला। वो दिन भी शनिवार का ही था।

जाहिर है कि जुलाई 2008 से ही आसाराम के शनि कांड की शुरुआत हो चुकी थी लेकिन लाखों भक्तों के भगवान बनने के चक्कर में आसाराम मद में सब भूल गए। उन्हें इन बातों का भी अंदाज़ा नहीं रहा कि वो किसे क्या बोल रहे हैं। राहुल पर आसाराम ने बयान तो दे दिया लेकिन उसके बाद आए शनिवार को आसाराम को एक बार फिर बड़ी चेतावनी मिली। 2 जुलाई को शनिवार को सबसे बड़ी चेतावनी जो दिग्विजय सिंह की थी।

लेकिन आसाराम किसी बात की परवाह नहीं कर रहे थे। वो अपने कथित आत्मिक अनुभव के नाम पर कभी कुटिया तो कभी बाहर मैदानों में ऐसे काम कर रहे थे जिन्हें कोई भी इंसान किसी भी लिहाज से सही नहीं ठहरा सकता। साल 2012 में आसाराम ने फिर वो काम किया। आसाराम ने यूपी के गाज़ियाबाद में पत्रकार पर हमला किया और उससे अगले शनिवार यानी 3 सितंबर, 2012 को दर्ज़ हुआ केस। आसाराम खुद को कभी कृष्ण, कभी राम तो कभी किसी और विष्णु अवतार में पेश करते रहे और इन धार्मिक रूपों के बीच चलती रही वो घिनौनी वारदात जिनके कांड उभरकर शनिवार को आसाराम को सलाख़ों के पीछे धकेल रहे हैं।

जनवरी 2013 की शुरुआत में ही आसाराम ने ऐसे बयान देने शुरु कर दिए कि उसके काले कारनामों को डर की वजह से छिपाए रखने वाली बेटियों के दिलों में नफ़रत की आग सुलग उठी और अगस्त आते आते उनके ख़िलाफ पहली रेप की एफआआर दर्ज हुई और फिर आया शनिवार।

24 अगस्त को शनिवार का ही दिन था जब पहली बार राष्ट्रीय महिला आयोग ने रेप के मामले में कार्रवाई के लिए सक्रिय हुआ। इसी शनिवार के दिन वक़ीलों ने आरोप लगया था कि आसाराम सुबूतों को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं

इसी दिन जोधपुर पुलिस ने भी आसाराम की धरपकड़ के लिए बड़े सुबूत जुटाए क्योंकि इस शनिवार से एक दिन पहले ही आसाराम ने पहली बार भोपाल प्रवचनों के दौरान माना था कि जिस लड़की ने उनके ख़िलाफ शिकायत की है वो उससे आश्रम में मिले थे।

आसाराम की बयानबाज़ी काम नहीं आई और 24 अगस्त शनिवार के दिन ही जोधपुर पुलिस ने सुबूत जुटाकर एक और मुकद्दमा दर्ज कर दिया। आसाराम पर चंगुल ऐसा बढ़ना शुरु हुआ कि आसाराम ने इंदौर भागने में भलाई समझी लेकिन वो नहीं जानते थे कि इंदौर में भी उनके ख़िलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है। रविवार से शुक्रवार तक इन छह दिनों तक आसाराम किसी न किस तरह से पुलिस की गिरफ्त से बचते रहे. इस बीच उन्होंने खुद के लिए सफाइयां भी दीं। उन्हें लगा कि बच जाएंगे लेकिन तभी आया शनिवार का दिन।

31 अगस्त को भी शनिवार ही था जब जोधपुर से चली पुलिस की टीमें इंदौर पहुंच चुकी थीं। आसाराम अपने आश्रम में दुबके पुलिस से बच रहे थे। शाम होते होते आसाराम के बेटे नारायण साईं बाहर आए और उसने दावा किया कि उसके बापू आसाराम निर्दोष हैं और जल्द सामने आएंगे।

लेकिन रेप के आरोपों से घिरे आसाराम की कोई दलील काम नहीं आने वाली थी आखिरकार शनिवार की रात गहराने के साथ ही पुलिस ने छापेमारी और तफ़्तीश जारी रखी और आसाराम को इंदौर आश्रम के बिल से बाहर निकाल लिया गया।

31 अगस्त शनिवार की आधी रात हुई इस गिरफ्तारी के बाद आसाराम की हक़ीकत पूरी दुनिया के सामने आ गई.अगले दिन पुलिस आसाराम को लेकर जोधपुर पहुंची तो एक दिन की रिमांड में ही साफ हो गया कि आसाराम उत्तेजना से भरे हैं क्योंकि मेडिकल एक्सपर्ट्स की टीम ने उनके 74 साल की उम्र में भी सेक्सुअली एक्टिव होने की बात पर मुहर लगा दी। आसाराम का दिन फिरने शुरु हो चुके थे क्योंकि इस बार उनकी गिरफ्तारी हुई थी शनिवार की रात को। कहते है शनि इंसाफ करता है। पापों का इंसाफ और कुछ ऐसा ही आसाराम के साथ हो रहा हैष आसाराम के पापों का घड़ा भी हर शनिवार को ही छलक रहा है। शनिवार आया नहीं कि एक नई आफत आसाराम के आगे मुंह बाए खड़ी हो जाती है ।

31 अगस्त को भी शनिवार था और आखिकार वो दिन भी आ गया जब शनिवार के दिन ही जोधपुर में पहली बार बापू गिरफ्तार हुए। 7 सिंतबर को भी शनिवार था जब गैरकानूनी तरीके से बने इंदौर आश्रम मे एसडीएम के अमले और आलां प्रशासन ने धावा बोल दिया। खुलासा हुआ कि आसाराम ने जिस ज़मीन को दिग्विजय सिंह के शासनकाल में औषधि उद्यान विकसित करने के लिए जो 6 एकड़ जमीन ली थी। उस ज़मीन पर अवैध तौर पर निर्माण किया जा चुका है.लैंड यूज़ चेंज़ करने के आरोपों के साथ ही सरकारी कार्रवाई भी तुरंत हुई।

7 सितंबर को को भी शनिवार का ही दिन था जब आसाराम बापू का बेहद ख़ास माने जाने वाला चेला शिवा गिरफ्तार किया गया। शिवा की गिरफ्तारी के बाद ही खुलासा हुआ कि आसाराम बापू को शिल्पी के बेहद चिंता सता रही है। बताया गया कि आसाराम ने शिवा से मिलते ही सबसे पहले शिवा से शिल्पी के बारे में पूछा। वही शिल्पी जिससे अवैध संबंदों को लेकर कई दिनों से आसाराम के चर्चे थे।कैलेड़र का हर शनिवार बापू के साथ साये की तरह थाऔर बापू के कारनामों की पोल खोलता जा रहा है।

22 सिंतबर को भी दिन शनिवार ही था जब आसाराम को इस शनिवार ही उनके रसोईये प्रकाश और शरतचंद्र के संरेडर करने की खबर मिली थी और बापू के चेहरे पर फिर आफत का पसीना टप टप बह रहा था।

28 सिंतबर को भी दिन शनिवार ही था जब एक बार फिर आसाराम के दरवाज़े पर शनिवार ने दस्तक दी और पल भर में ही इंदौर में बना आसाराम बापू का स्वागत द्रार मध्यप्रदेश सरकार ने जमीदोज़ करा डाला। उफ ये शनिवार लेकिन ये तो महज़ एक ही दिन था। समय का पहिया फिर घूमता गया और बापू की हाफ़ पिक्चर में एक और शनिवार ने दस्तक दे डाली।

आसाराम की ज़िंदगी में शनिवार नासूर बनता जा रहा है। कोई कहता है कि ये शनि की दशा का असर है.कोई इसे पापों का फल बता रहा है। लेकिन सच यही है कि शनिवार की सुबह से रात होते होते आसाराम कहीं-न कहीं शिकार बन रहे हैं। न तो उनका जप काम आ रहा है।न गुफाओं में बैठकर की गई साधना काम आ रही है। न ही मंच पर दिए गीता-पुराणों के संदेश। शनिवार की सुनामी आते ही आसाराम के कर्म उफनकर सामने आ जाते हैं और कानून की ऐसी बड़ी लहरें उठती हैं कि आसाराम उसमें समाए चले जाते हैं।

26 अक्टूबर भी शनिवार है और सवाल उठ रहे है कि उस दिन क्या होगा। ये सवाल आसाराम बापू भी दिन रात सोच रहे हैं और उनके बचे-खुचे भक्त भी क्योंकि 25 अक्टूबर तक की न्यायिक हिरासत में हैं आसाराम और अगर वो हिरासत नहीं बढ़ी तो 26 अक्टूबर के बाद के दिन भी आसाराम को जेल की कोठरी में ही बिताने पड़ेंगे।

आसाराम की ज़िंदगी का चक्रव्यूह बुरी तरह से शनिवार की चपेट में है। कभी संत खुद गिरफ्तार होता है। कभी उसके बेटे पर गिरप्तारी की तलवार लटकती है और कभी उसके ख़ास शिवा और हमराज़ शिल्पी एक एक कर जेल की सलाखों के पीछे अपने सीने में दफ़न राज़ों को उगलना शुरु कर देती हैं आखिर आसाराम की ज़िंदगी में क्या क्या करेगा शनिवार?
Source : http://www.bhopalsamachar.com/2013/10/blog-post_4597.html
 

पीड़िता से ओरल सेक्स चाहते थे आसाराम बापू

पीड़िता से ओरल सेक्स चाहते थे आसाराम बापू

भोपाल: यौन उत्पीडऩ के मामले में फंसे अध्यात्मिक गुरू आसाराम बापू पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की का कहना है कि बापू ने जब उसके कपड़े उतारे तभी घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी भी दी।

मामले की जांच कर रही टीम के स्रोतों के अनुसार आसाराम ने नाबालिग से ओरल सेक्स करने को भी कहा था, लेकिन वो नहीं मानी।

हालांकि सूत्रों के अनुसार आसाराम ने नाबालिग लड़की के कमर से नीचे के कपड़े नहीं उतारे। सूत्रों का यह भी कहना है कि पीड़ित की शिकायत और बयान में बलात्कार का उल्लेख नहीं है। अभी तक की जांच में यही सामने आया है कि यह घटना 15 अगस्त की रात 10 बजे जोधपुर शहर से करीब 40 किमी दूर की है।

पीड़ित लड़की आसाराम द्वारा मध्यप्रदेश में चलाए जा रहे एक स्कूल की छात्रा है और उसके माता-पिता आसाराम से लड़की के इलाज के सिलसिले में मिले थे। जोधपुर के उस आश्रम में मुलाकात की जगह पर काफी अंधेरा था और लड़की के माता-पिता को गेट के बाहर की खड़े रहने को कहा गया था। लड़की को अकेले ही अंदर ले जाया गया।

आसाराम को कुछ धार्मिक क्रियाओं से लड़की का इलाज करना था। माता-पिता ने बताया कि वह समझ रहे थे कि इलाज के लिए होने वाले धार्मिक अनुष्ठान ग्राउण्ड फ्लोर के बाहर की बालकनी में ही होंगे जबकि लड़की ने अपने बयान में कहा है कि उसे पिछले दरवाजे से कमरे में ले जाया गया।

इसकी पुष्टि जांच में जुटी टीम ने भी की है। कमरे से बाहर आकर लड़की ने अपने माता-पिता को सबकुछ बताया। लड़की ने कहा, 'उन्होंने मेरी कमीज उतारी और मेरे बदन को यहां-वहां पुचकारने लगे। आध्यात्मिक गुरु ने इससे पहले यौन संबंध के लिए भी पहल की थी जिससे लड़की ने इनकार कर दिया था। 
 
Source : http://www.bhopalsamachar.com/2013/08/blog-post_2055.html
 

कोई तो बताए.. आखिर आसाराम बापू को गुस्सा क्यों आता है

कोई तो बताए.. आखिर आसाराम बापू को गुस्सा क्यों आता है
नई दिल्ली।
कहते हैं कि संतों को क्रोध करना शोभा नहीं देता। लेकिन ऐसा क्यों होता है कि संत आसाराम बापू को गुस्सा आ जाता हैं। वैसे तो देश के लाखों भक्तों के बीच आसाराम बापू की छवि एक सदभावी संत और सन्यासी की है। लेकिन जब आसाराम बापू पर आरोप लगते हैं या उन्हें जबरदस्ती नियमों का पालन करने का दबाव डाला जाता है तो भक्तों के साथ साथ खुद आसाराम बापू को भी गुस्सा आ जाता है। पिछले दिनों ऐसे ही विमान में सीट बैल्ट बांधने के आग्रह पर आसाराम बापू गुस्सा हो गए थे। इससे पहले भी कई बार आसाराम गुस्साए हैं।
आश्रम पर सवाल पूछो तो आता है गुस्सा आसाराम पर पिछले साल आरोप लगाया गया कि उनके आश्रम में दो बच्चों की मौत के जिम्मेदार वो हैं। अहमदाबाद स्थित आसाराम के आश्रम में दो बच्चों की संदिग्ध मौत हो गई थी। इस संबंध में आसाराम और उनके बेटे नारायण सांई के खिलाफ मामला चल रहा है। आफत ये है कि जब भी आसाराम बापू से इस संबंध में बात की जाती है वो गुस्सा हो जाते हैं। उन्हें बहुत क्रोध आता है ये सफाई देते हुए कि बच्चों की मौत के लिए वो जिम्मेदार नहीं।
बेटे की बुराई सुनकर आता है गुस्सा संत और सन्यासी होने के बावजूद आसाराम बापू पुत्र मोह के शिकार हैं। जब उनके बेटे नारायण सांई पर गुजरात के हिम्मतनगर में जमीन घोटाले के आरोप लगे तो आसाराम बापू बौखला गए। उन्होंने विरोधियों और मीडिया पर जमकर गुस्सा उतारा।
रामदेव को सताया तो गुस्सा आया कालेधन पर आंदोलन करने वाले बाबा रामदेव पर पुलिसिया कार्रवाई पर आसाराम बापू को जबरदस्त गुस्सा आया। इसी कारण उन्होंने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। रायपुर में प्रवचन के दौरान आसाराम बापू ने कहा कि संतों को सताने वाला कभी सुखी नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि रामदेव पर अत्याचार करने वाली सोनिया को देश छोड़कर चले जाना चाहिए।
नियम का पालन करने में आता है गुस्सा बापू यूं तो भक्तों से नियम और संयम का पालन करने को कहते हैं लेकिन असल जीवन में नियमों का पालन नहीं करते। तीन दिन पहले जब बापू इंडिगो विमान से वडोदरा से दिल्‍ली आ रहे थे तो उन्होंने नियमों की बात पर विमान में ही जमकर हंगामा किया।  सूत्रों के मुताबिक चेक इन काउंटर पर देरी से पहुंचने की वजह से उन्‍हें काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने बोर्डिंग पास देने से इनकार कर दिया। इस पर बापू के समर्थकों ने हंगामा कर दिया जिसके बाद उन्‍हें बोर्डिंग पास दे दिया गया। यही नहीं विमान के क्रू मेंबर ने जब उनसे सुरक्षा हेतु सीट बैल्ट बांधने को कहा तो गुस्से से लाल पीले होकर बापू छाती तक पीटने लगे।
सवाल -क्या आपको लगता है आसाराम बापू को जायज चीजों पर गुस्सा आता है? क्या संत होने के नाते उनका गुस्सा सही है?

दुष्कर्म अपराध ही होता है, गलती नहीं

दुष्कर्म अपराध ही होता है, गलती नहीं

दुष्कर्म अपराध ही होता है, गलती नहीं
संदर्भ का बहुत महत्व होता है। हम जो कहते हैं और हमारा जो आशय होता है वह बहुत कुछ इस बात पर निर्भर होता है कि कब, कहां और कैसे हमने इसे कहा है। हालांकि कभी-कभार ऐसी भी स्थिति होती है कि कही गई बात अपने आप में इतनी स्पष्ट होती है कि उसे समझने के लिए संदर्भ की जरूरत नहीं होती। जैसे शक्ति मिल दुष्कर्म मामले में मुलायम सिंह यादव का बयान। यहां यह साफ कहना होगा कि दुष्कर्म अपराध ही होता है, कोई 'गलतीÓ नहीं और उसकी सजा मिलनी ही चाहिए।
हालांकि मैं और कई अन्य नारीवादी दुष्कर्म मामले में मौत की सजा के खिलाफ हैं। हम दोषियों को दंडित करने के विरोधी नहीं है बल्कि राज्य द्वारा गलत तरीके से जान लेने का अधिकार लेे लेने के खिलाफ हैं। दुनियाभर के आंकड़े बताते हैं कि मौत की सजा पाने वालों में गरीब और अल्पसंख्यक तबकों के लोगों का अनुपात ज्यादा है। दिल्ली और शक्ति मिल दुष्कर्म घटनाओं के बाद मीडिया ने लगातार दुष्कर्मियों की गरीब व वंचित पृष्ठभूमि पर फोकस किया। इससे चाहे-अनचाहे यह संदेश गया कि निम्न तबके के पुरुष ही ऐसे अपराध करते हैं।
हाल में मुलायम और अबु आजमी के बयानों की वाम व दक्षिणपंथी हर विचारधारा के लोगों ने आलोचना की। इसके पहले भी ऐसे बयान आए हैं। आसाराम बापू  ने कहा था कि पीडि़ता ने दुष्कर्मी को भाई कहा होता तो घटना नहीं होती। खाप पंचायत के जितेंदर छत्तर ने कहा था कि चाऊमिन खाने से हार्मोन का असंतुलन होता है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं होती हैं। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ननकीराम ने कहा था कि वजह ग्रहों की स्थिति है। इन बयानों को महिलाओं के कपड़ों पर मर्यादा बांधने, उन्हें सेलफोन न देने या उन्हें घर में नजरबंद रखने जैसे आह्वानों के साथ रखकर देखा जा सकता है।
इससे भी खतरनाक तो प्रगतिशील होने के नाम पर दी जा रहीं दलीलें हैं। हाल ही में एक ख्यात लेखिका ने तरुण तेजपाल के मामले में पीडि़ता की गवाही पर ही सवाल उठा दिए। एक अन्य मामले में बैलेंस्ड स्टोरी के नाम पर न सिर्फ पीडि़ता की पहचान को खतरे में डाल दिया गया बल्कि उसकी गवाही पर सफलतापूर्वक प्रश्न चिह्न लगा दिया गया। गौरतलब है कि ये दोनों लेख सीसीटीवी फुटेज पर आधारित हैं, जो अदालत के निर्देशों के अनुसार इन तक नहीं पहुंचने चाहिए थे। नेटवर्क ऑफ वुमन इन इंडिया ने प्रेस काउंसिल और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया में शिकायत की कि यह पत्रकारिता के नैतिक मानदंडों के खिलाफ है और यह मामले को प्रभावित करने का सोचा-समझा प्रयास हो सकता है।
इस तरह नारीवादियों के सामने चुनौती सिर्फ नेताओं के बेतुके बयानों का विरोध करने की नहीं है। कई लोग जोर देकर कहेंगे कि कमजोर वर्ग की पृष्ठभूमि वाले अपराधी सजा पाने के हकदार हैं। लेकिन कठिन पर उतना ही महत्वपूर्ण है तरुण तेजपालों के विशेषाधिकारों का बचाव करने वाली आवाजों का विरोध। ऐसा इसलिए कि मुलायम जैसे बयान और तेजपाल के मामले में पीडि़ता को दोषी ठहराने के प्रयास उसी संदर्भ के दो पहलू हैं कि यदि महिला पर हमला हुआ है तो उसी ने ऐसा कुछ किया होगा।
लेखिका टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में असिस्टेंट प्रोफसर हैं।
Source : http://www.bhaskar.com/article/ABH-shilpa-phadke-column-mulayam-singh-yadavs-statement-4582603-NOR.html
 

गुजरात में पोस्टरवार: केजरीवाल को बताया आसाराम के समान

गुजरात में पोस्टरवार: केजरीवाल को बताया आसाराम के समान

गुजरात में पोस्टरवार: केजरीवाल को बताया आसाराम के समान
अहमदाबाद: गुजरात में गर्मा रहे चुनावी माहौल के बीच अहमदाबाद में आज कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल को जेल में बंद विवादास्पद धर्मगुरू आसाराम बापू के समान बताने वाले अनाम पोस्टर लगे पाए गए। इनमें आप और केजरीवाल को लोकतंत्र तथा सत्ता के विकेंद्रीकरण का विरोधी भी बताया गया है। इन अनाम पोस्टरो में यह भी कहा गया है कि अन्ना हजारे का साथ छोडऩे वाले केजरीवाल का मिशन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को सरकार बनाने से रोकना भी है ताकि केंद्र में एक अस्थिर सरकार बने।

उधर आप के राज्य संयोजक सुखदेव पटेल ने इसके पीछे मुद्दाविहीन राजनीतिक दलों के हिमायतियों का हाथ होने का संदेह जताते हुए दावा किया कि जनता सब समझती है और आगामी चुनाव में ऐसा करने वालों के खिलाफ प्रतिक्रिया देगी। नगर के सरदार पटेल स्टेडियम रोड, अंकुर चौराहा और वापुर तालाब रोड समेत कुछ अन्य इलाकों में आज सुबह लगे इन पोस्टरों में लिखा गया था कि जैसे आसाराम ने भक्तों को धोखा दिया वैसे ही केजरीवाल ने देशभक्तों को गुमराह करने का काम किया है। इसलिए दोनो एकसमान हैं। अगर उन्हें सच्चाई की लड़ाई ही लडऩी थी तो अन्ना का साथ क्यों छोड़ा। इनमें अंग्रेजी में लिखा गया है सावधान इंडिया।

आप का मिशन 2014 है मोदी को 272 के आंकड़े को पार करने से रोकना ताकि देश में अस्थिर सरकार रहे। उधर पटेल ने कहा कि कुछ समय पहले हिन्दू महासभा ने भी ऐसी ही पोस्टरबाजी की थी। जिनमें आप को हिन्दू विरोधी बताया गया था पर उस समय भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगर ऐसा हुआ होता तो इस तरह की घटना फिर नहीं होती। वैसे जनता समझदार है और मुद्दाविहीन राजनीतिक दलों की भ्रम फैलाने वाली इस तिकड़म को समझती है। वह इसके खिलाफ प्रतिक्रिया देगी।
Source : http://www.punjabkesari.in/news/article-233734

 

गुजरात में केजरी-आसाराम एक समान के पोस्टर

गुजरात में केजरी-आसाराम एक समान के पोस्टर
अहमदाबाद। गुजरात में गर्मा रहे चुनावी माहौल के बीच अहमदाबाद में कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को जेल में बंद विवादास्पद धर्मगुरू आसाराम बापू के समान बताने वाले अनाम पोस्टर लगे पाए गए। इनमें आप और केजरीवाल को लोकतंत्र और सत्ता के विकेंद्रीकरण का विरोधी भी बताया गया है। इन अनाम पोस्टरों में यह भी कहा गया है कि अन्ना हजारे का साथ छोड़ने वाले केजरीवाल का बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को सरकार बनाने से रोकना भी है ताकि केंद्र में एक अस्थिर सरकार बनें।
नगर के सरदार पटेल स्टेडियम रोड अंकुर चौराहा और वस्त्रापुर तालाब रोड समेत कुछ अन्य इलाकों में लगे इन पोस्टरों में लिखा गया था कि जैसे आसाराम ने भक्तों को धोखा दिया वैसे ही केजरीवाल ने देशभक्तों को गुमराह करने का काम किया है। इसलिए दोनो एकसमान हैं। अगर उन्हें सच्चाई की लड़ाई ही लड़नी थी तो अन्ना का साथ क्यों छोड़ा। इनमें अंग्रेजी में लिखा गया है सावधान इंडिया आप का मिशन 2014 है मोदी को 272 के आंकड़े को पार करने से रोकना ताकि देश में अस्थिर सरकार रहे।
उधर पटेल ने कहा कि कुछ समय पहले हिन्दू महासभा ने भी ऐसी ही पोस्टरबाजी की थी (जिनमें आप को हिन्दू विरोधी बताया गया था) पर उस समय भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगर ऐसा हुआ होता तो इस तरह की घटना फिर नहीं होती। वैसे जनता समझदार है और मुद्दाविहीन राजनीतिक दलों की भ्रम फैलाने वाली इस तिकड़म को समझती है। वह इसके खिलाफ प्रतिक्रिया देगी।
Source : http://khabar.ibnlive.in.com/news/118633/12
 

दुष्कर्म मामला : अभियोजन की दलीलें पूरी, आसाराम बीमार

दुष्कर्म मामला : अभियोजन की दलीलें पूरी, आसाराम बीमार

जोधपुर : एक किशोरी पर स्वंयभू धर्मगुरु आसाराम बापू के कथित हमले के मामले में अभियोजन पक्ष ने सोमवार को अपनी दलीलें पूरी कर ली. लोक अभियोजक आरएल मीणा ने बताया, हमने अपनी दलीलें पूरी कर लीं. बचाव पक्ष 25 अप्रैल को जिरह करेगा.
मीणा ने कहा कि पीडि़ता की जांच 15 अप्रैल को पूरी हो चुकी थी, लेकिन उसने जोधपुर जिला एवं सत्र अदालत में मामले से जुड़ी तसवीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग का सत्यापन किया. 11 अप्रैल को पीडि़ता भावुक होकर अदालत से कहा था कि आसाराम ने उसके साथ अनैतिक कृत्य किया, जिस पर उसने और उसके परिजनों ने भरोसा किया. उसने पुलिस और मजिस्ट्रेट के समक्ष दिये गये अपने बयानों का भी जिक्र किया. अदालत बचाव पक्ष की पहली गवाह, दिल्ली की कमला मार्केट पुलिस की सहायक उपनिरीक्षक पुष्पलता की जिरह जारी रखेंगी, जहां पीडि़ता ने प्राथमिकी दायर की थी और अपने बयान दर्ज कराये थे.
* आसाराम बीमार
आसाराम की हालत उस वक्त बिगड़ गयी, जब वह अदालत कक्ष में दाखिल हुए. स्वंयभू धर्मगुरु को वापस जेल ले जाया गया. जेल के डॉक्टरों ने आसाराम का प्राथमिक चेक-अप किया. इसके बाद स्वंयभू धर्मगुरु को आयुर्वेद विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अस्पताल ले जाया गया. किशोरी पर यौन हमला का मामला दर्ज होने के बाद आसाराम पिछल साल के दो सितंबर से ही जेल में हैं
Source : http://www.prabhatkhabar.com/news/108501-Misdemeanor-case-prosecution-arguments-Asaram-sick.html

Asaram Bapu case: Prosecution completes arguments in Jodhpur District and Sessions court

Asaram Bapu case: Prosecution completes arguments in Jodhpur District and Sessions court
The prosecution today completed its arguments in the case of alleged sexual assault of a teenage girl by self-styled godman Asaram Bapu.
 The prosecution today completed its arguments in the case of alleged sexual assault of a teenage girl by self-styled godman Asaram Bapu

JODHPUR: The prosecution today completed its arguments in the case of alleged sexual assault of a teenage girl by self-styled godman Asaram Bapu.

"We completed our arguments today... The defence will cross-examine the girl on April 25," said public prosecutor R L Meena.

He said examination of the girl was completed on April 15, but today some photographs and video recordings pertaining to the case were verified by her in the Jodhpur District and Sessions Court. On April 11, the girl had turned emotional and had said in the court that the person, whom she and her parents trusted, did such an immoral behaviour with her. She had also recounted her statements given to the police and magistrate.

The court, however, will continue with cross-examination of the first prosecution witness Pushplata, ASI of the Kamla Market police station in Delhi, where the victim had lodged the Zero FIR, and had got her statements recorded. So far five witnesses have appeared in the court, out of total 58 to be examined, the list of which had been submitted to the court by the prosecution.

Meanwhile, the condition of Asaram deteriorated soon after he entered the courtroom. He was taken back to the jail. After preliminary check-up by jail doctors, Asaram was taken to the Ayurveda Hospital of the Ayurveda University here. Asaram is lodged in the Jodhpur Central Jail since September 2 last year after he was booked for the sexual assault on the girl.
 Source : http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/asaram-bapu-case-prosecution-completes-arguments-in-jodhpur-district-and-sessions-court/articleshow/34048590.cms

Friday, 11 April 2014

आसाराम की तीसरी जमानत याचिका खारिज

आसाराम की तीसरी जमानत याचिका खारिज
जोधपुर: जोधपुर की जिला एवं सत्र अदालत ने आज यहां प्रवचन करने वाले आसाराम की तीसरी जमानत याचिका खारिज कर दी। उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर जमानत की मांग की थी। लोक अभियोजक आर एल मीणा के अनुसार आसाराम ने स्वास्थ्य के आधार के अलावा अन्य कारणों के आधार पर जमानत की मांग की थी। उन कारणों का पिछली जमानत याचिकाओं में उल्लेख किया गया है।

मीणा ने कहा, ‘लेकिन हमने आपत्ति जताई और उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट पेश की। वह सामान्य है।’ जोधपुर जिला अदालत के न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास ने परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं होने और आसाराम के मामले में मुकदमा शुरू हो जाने के मद्देनजर जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले दो अवसरों पर उच्च न्यायालय ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
Source :  http://zeenews.india.com/hindi/news/state/court-rejects-asaram-bapu-s-third-bail-plea/206679

JDA demolishes part of Asaram's ashram from govt land

JDA demolishes part of Asaram's ashram from govt land

Jaipur, Mar 25 (PTI) Jaipur Development Authority today removed encroachments, including part of an ashram of self-styled godman Asaram Bapu, from a government land at Goner road here.

The land was encroached for self-styled godman Asaram Bapu's ashram and a team today removed the portion of the ashram from the land, official sources said.

The authority had sealed the Ashram last week, they said.

The controversial godman is lodged at Central Jail Jodhpur?on charges of sexually assaulting a minor girl.
Source : http://www.ptinews.com/news/4539090_JDA-demolishes-part-of-Asaram-s-ashram-from-govt-land.html
 

देश को साफ सुथरी सरकार चाहिए: श्री रविशंकर

देश को साफ सुथरी सरकार चाहिए: श्री रविशंकर
फर्रुखाबाद (एसएनएन): आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर ने कहा है कि देश में खिचड़ी सरकार की जरूरत नहीं बल्कि एक स्वच्छ छवि वाली मजबूत सरकार की जरूरत है. देश के जागरूक मतदाताओं को चाहिए कि वे जातिवाद से ऊपर उठकर स्वच्छ छवि वालों को चुनें. देश के सभी राजनेता भ्रष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री अपने दायित्वों को नहीं निभा सका, उसे अनुभवहीन ही कहा जाएगा. उन्होंने कहा कि आज देश में भ्रष्टाचार और अपराधियों की गंदगी छाई हुई है जिसे संसद तक न पहुंचने देने के लिए जनता को अच्छे व्यक्ति को चुनना होगा.
रविशंकर ने अच्छी छवि वाले राजनेताओं को चुनने के लिए जनता से शत प्रतिशत मतदान करने की अपील की. रविशंकर कल देर रात आयोजित एक आध्यात्मिक सत्संग समारोह को संबोधित करने के उपरान्त पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि धर्मगुरू कभी भी जनता का हक नहीं छीनते. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस तरह शंकराचार्य निर्दोष साबित हुए ऐसे ही बापू आसाराम को भी न्यायालय से राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि आसाराम बापू के किसी भी गवाह पर तेजाब फेंका जाना अनुचित है. रविशंकर ने एक अन्य सवाल के जवाब में यह माना कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्था में कुछ भ्रष्ट लोग जुड़ गए हैं.

Source : http://www.shrinews.com/DetailNews.aspx?NID=34031
 

आसाराम बापू और सुब्रत राय सहारा के मामले में एक गजब की समानता

subrato roy sahara
आसाराम बापू और सुब्रत राय सहारा के मामले में एक गजब की समानता देखी गई। वह यह कि अपने - अपने क्षेत्र के इन दोनों दिग्गजों पर जब कानून का शिकंजा कसना शुरू हुआ , तो दोनों ने पहले इसे काफी हल्के में लिया। उनके हाव - भाव से यही लगता रहा कि इनकी नजर में एेसी बातों का कोई महत्व नहीं है। उनके प्रताप से कानून की सारी कड़ाई धरी रह जाएगी। लेकिन कमाल देखिए कि एक बार ये कानून के शिकंजे में फंसे तो फिर इससे बाहर निकलने का कोई रास्ता फिलहाल इन्हें या इनके कुनबे को नहीं सूझ रहा। कुछ एेसा ही हाल 1990 के दशक में फिल्म अभिनेता संजय दत्ता का रहा था। मुंबई दंगों के दौरान घर में अवैध असलहा रखने के मामले में कानून ने जब संजय को गिरफ्त में लेना शुरू किया, तब  शुरू में संजय बिल्कुल बेपरवाह नजर आते रहे। पुलिस , अदालत औऱ जेल आदि उन्हें किसी  फिल्म की शूटिंग जैसा लगता रहा। आज भी चैनलों पर कभी - कभी उस दौर के फुटेज दिखाई देते हैं, तो साफ नजर आता है कि तब के अपेक्षाकृत दुबले - पतले संजय दत्त किस तरह लापरवाही से इधर - उधर आ - जा रहे हैं। लेकिन सच्चाई सामने आते ही संजय का जो हाल हुआ उसने उनके बूढ़े पिता को काफी रुलाया। 

अब सहारा प्रकरण में सुब्रत राय सहारा का हश्र सचमुच हैरान करने वाला है। ताजा प्रकरण के जरिए ही कई चैनलों पर सुब्रत राय की शानदार पार्टियों के फुटेज चले, जिसमें फिल्म से लेकर राजनीति औऱ खेल से लेकर विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रतिष्टित हस्तियां उनकी पार्टी में शामिल होकर काफी गौरवान्वित नजर आई । इससे पहले दाऊद इब्राहिम की पार्टियों में भी एेसा नजारा देखा जा चुका है। बेशक सेलीब्रिटीज किसी के साथ एेसा रिश्ता खास तौर पर उपकृत होने के बाद ही बनाते हैं। अन्यथा देखा गया है कि जनजीवन में बेहद आत्मीयता व सम्मान के साथ सभा - समारोह में बुलाए जाने पर भी एेसे लोग किस तरह बात - बेबात नाक - भौं सिकोड़ते रहते हैं, औऱ पूरी उपस्थिति के दौरान एेसा साबित करते हैं कि उनके कार्यक्रम में उपस्थित होकर उन लोगों ने संबंधितों को अपना जीवन सुधारने का मौका दिया है। लेकिन  निवेशकों का पैसा लौटाने के मामले में सुब्रत राय की गिरफ्तारी के बाद से यही  ब्रिगेड जिसमें से शत - प्रतिशत एेसी ही पृवत्ति के लोग शामिल हैं, बिल्कुल खामोश है।   

आज जब राय लगातार हिरासत में है, और उनके इस दुष्चक्र से बाहर निकलने की कोेई संभावना नजर नहीं आ रही है। लगता है सुब्रत राय की सेलीब्रिटी  ब्रिगेड ने उनसे दूरी बना कर उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है। ताजा घटना भी चकाचौंध पसंद करने वालों के लिए एक सबक के समान है कि सेलीब्रिटीज किसी की नहीं होती। उसे सिर्फ पैसे औऱ पावर से मतलब होता है। यह जिसके पास होता है, सेलीब्रिटीज भी उन्हीं के बगल खड़े होना पसंद करते हैं। यह विडंबना गांव - कस्बे से लेकर राज्यों व देश तक समाज के हर क्षेत्र में फैली हुई है। सामान्य जीवन यापन में भी देखने को मिलता है कि किस तरह किसी के अचानक सफलता हासिल करने पर समाज के हर वर्ग के लोग उसके बगल खड़े होने में गर्व महसूस करते हैं। लेकिन किन्ही कारणों से उसके दुर्दिन शुरू होते ही लोग तत्काल  उससे मुंह भी  फेर लेते हैं।  कथित सफलता के एेसे शिखर की सच्चाई शायद सुब्रत राय को अब तक समझ आ गई होगी। इससे बेहतर तो समाज के निचले स्तर के वे लोग जिन्हें मुसीबत में उनके जानने वाले यूं असहाय नहीं छोड़ते, और जितना संभव हो पाता है, उनका साथ निभाने का भरसक प्रयास करते हैं। 
Source : http://www.liveaaryaavart.com/2014/04/subrato-roy-celebrity-status.html
 

आसाराम प्रकरण: पुलिस अफसर को कोर्ट में बयान से रोका

आसाराम प्रकरण: पुलिस अफसर को कोर्ट में बयान से रोका
 
 
आसाराम प्रकरण: पुलिस अफसर को कोर्ट में बयान से रोका
लखनऊ। दुष्कर्म प्रकरण की गवाही शुरू होते ही आसाराम के गुर्गों ने गवाहों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। जोधपुर कोर्ट में बयान को आई दिल्ली पुलिस की एएसआइ पुष्पलता को भी उन्होंने नहीं बख्शा। कोर्ट जाने से रोकने के लिए गुर्गो ने वहां जमकर हंगामा किया। इस मामले में जोधपुर पुलिस ने 129 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
शाहजहांपुर में पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी के केस में 19 मार्च को दिल्ली पुलिस की एएसआइ पुष्पलता की गवाही होनी थी। आसाराम के गुर्गों ने जाल बिछाकर उन्हें गवाही से रोकने की कोशिश की। उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इससे गवाही देर से शुरू हो सकी। जोधपुर पुलिस ने मामले में 129 लोगों को पाबंद कर कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को एएसआइ निरपाल सिंह के साथ पुष्पलता की गवाही पूरी की गई।
लखनऊ में गवाह पर कार से हमला
लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में रह रहे आसाराम के पूर्व सचिव और जोधपुर, अहमदाबाद और सूरत केस के प्रमुख गवाह राहुल के सचान पर कार से जानलेवा हमला किया। राहुल ने जागरण को बताया कि प्लानिंग के तहत सफेद रंग की टाटा इंडिगो की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाकर हमला किया गया। ठाकुरगंज थाने में जब उन्होंने मामले की सूचना दी और एफआइआर का आग्रह किया तो पुलिस ने उल्टा उन्हें ही जेल भेजने की धमकी देकर भगाने की कोशिश की। जब अहमदाबाद की एसीपी कानन देसाई से फोन पर वार्ता कराई तब जाकर पुलिस ने शिकायत दर्ज की। शिकायत में राहुल ने आसाराम, उनकी पत्‍‌नी लक्ष्मी, पुत्री भारती, पुत्र नरायण साई और जमानत पर रिहा हुए शिवा को आरोपी बनाया है। कहा कि इन्हीं के इशारे पर अज्ञात लोगों ने जान से मारने का प्रयास किया।
टॉप मोस्ट में राहुल
राहुल ने बताया कि सूरत में तेजाब हमले में गिरफ्तार लोगों के पास मिली लिस्ट में सबसे ऊपर उनका नाम है। राहुल ने बताया कि सूरत पुलिस ने यह जानकारी देकर सतर्क और सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
गवाहों को सुरक्षा देने की मांग
पीड़िता के पिता ने कहा कि जबसे शिवा, शिल्पी समेत चार सह आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आए, हमले तेज हो गए। बताया कि महीने भीतर सूरत में तीन हमले हुए, अब जोधपुर कोर्ट में एएसआइ को गवाही को रोकने का प्रयास किया गया। लखनऊ में राहुल सचान को जान से मारने की धमकी के तीसरे दिन कार से कुचलने की कोशिश की गई। उन्होंने प्रकरण में बेटी के पक्ष के सभी 58 गवाहों को कड़ी सुरक्षा देने की मांग की है।

Source : http://www.jagran.com/news/state-obstacle-in-asaram-issue-11172459.html

आसाराम प्रकरण में पीड़िता के गवाह को खतरा बढ़ा

आसाराम प्रकरण में पीड़िता के गवाह को खतरा बढ़ा

आसाराम प्रकरण में पीड़िता के गवाह को खतरा बढ़ा
लखनऊ। आसाराम के गुर्गो से आंख बचाकर लखनऊ पहुंचे जोधपुर, सूरत और अहमदाबाद दुष्कर्म केस के सरकारी गवाह को खतरा बढ़ गया है। सूरत और अहमदाबाद के पुलिस अधिकारियों के आग्रह के बावजूद यूपी पुलिस ने सरकारी गवाह को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई है।
ताजा मामला जुड़ा है आसाराम के मुख्य राजदार और पूर्व सचिव राहुल सचान से। कानपुर निवासी राहुल ने करीब दस वर्ष तक आसाराम के मुख्य सेवादार व सचिव के रूप में व्यवस्थाओं का संचालन किया। शाहजहांपुर की पीड़िता समेत सूरत तथा अहमदाबाद केस में वहां की पुलिस ने राहुल को सरकारी गवाह बनाया है। कानपुर, इलाहाबाद, के बाद जब राहुल ने लखनऊ में ठिकाना बनाया तो वहां भी आसाराम के गुर्गे पहुंच गए। होली के दिन उन्होंने ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में राहुल को कार से कुचलने की कोशिश की। थाने में घटना की सूचना भी दर्ज कराई गई। अहमदाबाद की एसीपी कानन देसाई तथा सूरत के डीसीपी ने लखनऊ के एसएसपी को फैक्स भेजकर सरकारी गवाह राहुल की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने का अपेक्षा की। लेकिन यूपी पुलिस ने कोर्ट के गवाह को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई।
पुलिस से स्थाई सुरक्षा संभव नहीं
लखनऊ चौक क्षेत्र के सीओ सर्वेश मिश्र ने सूरत और अहमदाबाद के पुलिस अफसरों के फैक्स की पुष्टि की। कहा कि राहुल की सुरक्षा की बाबत एसपी कार्यालय को फैक्स मिला है। गवाह से वार्ता कर सुरक्षा बोध कराया जाएगा। लेकिन स्थाई सुरक्षा देना सरकार का काम है। इसके लिए खुद राहुल को सुरक्षा के लिए आवेदन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि एसओ शशिकांत यादव को सुरक्षा की बाबत दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।
फंसाना चाह रही थी पुलिस
पीडि़ता के गवाह व आसाराम के पूर्व सचिव राहुल का कहना है कि उन्हें पुलिस झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने के प्रयास में थी। बताया कि होली के दिन हमले की सूचना दर्ज कराने जब वह ठाकुरगंज थाना पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें घेर लिया और मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी। जब अहमदाबाद की एसीपी कानन देसाई ने वार्ता की, तब जाकर पुलिस ने छोड़ा।

Source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-witness-rahul-in-bathration-on-asaram-issue-11203244.html

गुजरात में केजरी-आसाराम एक समान के पोस्टर

गुजरात में केजरी-आसाराम एक समान के पोस्टर
अहमदाबाद। गुजरात में गर्मा रहे चुनावी माहौल के बीच अहमदाबाद में कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को जेल में बंद विवादास्पद धर्मगुरू आसाराम बापू के समान बताने वाले अनाम पोस्टर लगे पाए गए। इनमें आप और केजरीवाल को लोकतंत्र और सत्ता के विकेंद्रीकरण का विरोधी भी बताया गया है। इन अनाम पोस्टरों में यह भी कहा गया है कि अन्ना हजारे का साथ छोड़ने वाले केजरीवाल का बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को सरकार बनाने से रोकना भी है ताकि केंद्र में एक अस्थिर सरकार बनें।
नगर के सरदार पटेल स्टेडियम रोड अंकुर चौराहा और वस्त्रापुर तालाब रोड समेत कुछ अन्य इलाकों में लगे इन पोस्टरों में लिखा गया था कि जैसे आसाराम ने भक्तों को धोखा दिया वैसे ही केजरीवाल ने देशभक्तों को गुमराह करने का काम किया है। इसलिए दोनो एकसमान हैं। अगर उन्हें सच्चाई की लड़ाई ही लड़नी थी तो अन्ना का साथ क्यों छोड़ा। इनमें अंग्रेजी में लिखा गया है सावधान इंडिया आप का मिशन 2014 है मोदी को 272 के आंकड़े को पार करने से रोकना ताकि देश में अस्थिर सरकार रहे।
उधर पटेल ने कहा कि कुछ समय पहले हिन्दू महासभा ने भी ऐसी ही पोस्टरबाजी की थी (जिनमें आप को हिन्दू विरोधी बताया गया था) पर उस समय भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगर ऐसा हुआ होता तो इस तरह की घटना फिर नहीं होती। वैसे जनता समझदार है और मुद्दाविहीन राजनीतिक दलों की भ्रम फैलाने वाली इस तिकड़म को समझती है। वह इसके खिलाफ प्रतिक्रिया देगी।

Source : http://khabar.ibnlive.in.com/news/118633/17?from=RHS
 

Thursday, 10 April 2014

आसाराम और नारायण साई आश्रमों में चला रहे थे सेक्स रैकेट

आसाराम और नारायण साई आश्रमों में चला रहे थे सेक्स रैकेट

 
 
आसाराम और नारायण साई आश्रमों में चला रहे थे सेक्स रैकेट
अहमदाबाद [जागरण संवाददाता]। आश्रम में आने वाली लड़कियों से जबरदस्ती यौन संबंध व गर्भपात कराने के मामले में उलझे आसाराम और नारायण साई आश्रमों में सेक्स रैकेट चलाते थे। आश्रम में आने वाली लड़कियों को फंसाने के लिए दोनों ने अलग-अलग गैंग बनाए थे। इनके राज अब खुलने लगे हैं। रसोइया सरकारी गवाह बन गया है, जबकि आसाराम की बेटी भारती ने माना है कि वह लड़कियों को बाबा की कुटिया तक ले जाती थी। आसाराम की लगातार सामने आ रही हरकतों से गुस्साए लोगों ने मंगलवार को गुजरात के वलसाड़ आश्रम में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी।
आसाराम के लिए पत्नी लक्ष्मी, बेटी भारती, साधिका धू्रवबेन, वार्डन शिल्पी, श्रुति, रसोइया प्रकाश लड़कियों को तैयार कर कुटिया तक पहुंचाते थे, जबकि नारायण साई के लिए यह काम निजी सहायक मोहित, हनुमान, मोनिका, मीरा, निर्मला व धर्मेश करते थे। सरकारी गवाह बने प्रकाश ने माना कि वह लड़कियों को खाने में अफीम देता था, जबकि भारती ने स्वीकारा कि वह लड़कियों को कुटिया तक ले जाती थी। पत्नी लक्ष्मी ने कहा है कि उन्हें आसाराम की गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं है।
यौन शोषण का आरोप लगाने वाली व्यारा की एक लड़की को आसाराम के गुर्गो ने फोन पर धमकी दी, जिसके बाद मंगलवार को पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा-164 के तहत बयान दर्ज कराने से इन्कार कर दिया। पूर्व में पीड़िता ने कहा था कि आसाराम ने आश्रम में उसके साथ गंदी हरकतें की थी। लड़की के बयान के बाद आसाराम के किसी गुर्गे ने फोन पर उसे धमकाया। जांच अधिकारी आरए मुंशी ने स्थानीय अदालत को इसकी जानकारी दी है।
जोधपुर ले जाए गए आसाराम
लड़कियों से यौन शोषण के आरोपी आसाराम क ो तीन दिन की रिमांड पूरी होने के बाद मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच गांधीनगर जिला न्यायालय में पेश किया गया। विशेष जांच दल की ओर से आसाराम की रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं होने से न्यायालय ने उन्हें साबरमती सेंट्रल जेल ले जाने का आदेश दे दिया। इसके बाद उन्हें जोधपुर ले जाया गया।
सहायक पुलिस आयुक्त जेके भट्ट के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल ने आसाराम को सुरक्षा के मद्देनजर नाडियाड या सूरत जेल में रखने की मांग की थी, लेकिन अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वीए बुध ने उन्हें साबरमती जेल में ही रखने का आदेश दिया। जोधपुर न्यायालय ने अहमदाबाद पुलिस को 25 अक्टूबर तक आसाराम को हिरासत में रखने की मंजूरी दी है। सूरत की युवती द्वारा दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने के बाद जोधपुर जेल से ट्रांसफर वारंट पर अहमदाबाद लाए गए आसाराम की रिमांड दो बार मंजूर की गई थी। रिमांड के दौरान आसाराम और पीड़िता की आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आसाराम को साबरमती जेल से जोधपुर ले जाया गया है।
नारायण की याचिका पर सुनवाई टली
रेप का आरोप लगने के बाद फरार नारायण साई की अग्रिम जमानत याचिका पर एक बार फिर सूरत की अदालत में सुनवाई टल गई है। साईं की याचिका पर सुनवाई लगातार टल रही है। मंगलवार को सुनवाई की तारीख तय की गई थी, जो अब बुधवार तक के लिए टल गई है। मंगलवार को सरकारी वकील ने साईं की ओर से दाखिल हलफनामे में किए दस्तखत पर सवाल उठाते हुए याचिका रद करने की माँग की।
अदालत ने कहा कि अगर हलफनामे पर साईं के दस्तखत में असमानता है, तो इसके लिए अलग से अर्जी दी जा सकती है।
अभी तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहे नारायण साई को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी, लेकिन वह अबतक हाथ नहीं लगा है। इस बीच आसाराम बापू और उनके पुत्र नारायण साई पर अब अपहरण के मामले में फंस गए हैं। वृंदावन निवासी एक व्यक्ति मोहनानंद उर्फ लालबाबा ने पिता-पुत्र पर अपनी पत्नी के अपहरण का आरोप लगाया है। दौसा पुलिस थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया।
मोहनानंद ने बताया कि आसाराम को कड़ी सजा दिलवाने के लिए उसने दौसा के सहजनाथ महादेव मंदिर में सत्याग्रह यज्ञ शुरू किया है। शिकायत के मुताबिक, बीमारी का उपचार कराने के लिए मोहनानंद 31 जनवरी, 2008 को सूरत स्थित आसाराम आश्रम गए थे। वहां पत्नी को महिला आश्रम छोड़ा था। करीब आधे घंटे बाद पत्नी को लेने के लिए आश्रम पहुंचे तो उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। तब से उनकी पत्नी लापता है।
मोहनानंद ने इस बाबत 20 अप्रैल, 2010 को राष्ट्रीय महिला आयोग में भी आसाराम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उधर, आसाराम के प्रमुख सेवादार शिवा के पिता और पत्नी भी आसाराम को सजा दिलाने के पक्ष में हैं।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के डेयरी संचालक अनिल ठाकुर ने दावा किया है कि नारायण साई पिछले दिनों यहां आया था और शरण मांगी थी। उसका हुलिया बदला हुआ था। हालांकि पुलिस इस दावे को अफवाह करार दे रही है। अनिल के अनुसार साई 19 अक्टूबर की देर रात अपने साथियों के साथ कार से छपारा पहुंचा और हनुमान मंदिर में रुकने की बात कही। तब अनिल ने उन्हें छपारा बंजारी मंदिर ठहरने की सलाह दी। उधर बंजारी मंदिर के पुजारी का कहना कि उस रात उनके मंदिर में कोई नहीं आया।

Source : http://www.jagran.com/news/national-asaram-and-narayan-sai-was-running-sex-racket-10811852.html

आसाराम-साई पर 85 करोड़ का जुर्माना

आसाराम-साई पर 85 करोड़ का जुर्माना

आसाराम-साई पर 85 करोड़ का जुर्माना

Fri, 11 Apr 2014 04:02 AM (IST)
आसाराम-साई पर 85 करोड़ का जुर्माना
जयपुर [जासं]। दुष्कर्म मामले में जोधपुर जेल में बंद आसाराम और सूरत जेल में कैद उनके बेटे नारायण साई के समक्ष एक नई मुसीबत आ गई है। करीब 50 करोड़ रुपये के बेहिसाब निवेश मामले में आयकर विभाग पिता-पुत्र से 85 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूलेगा। विभाग ने दोनों को नोटिस भी दिया है, लेकिन उसका जवाब नहीं मिला है। मामले की जांच मुंबई आयकर विभाग की टीम कर रही है। राजस्थान पुलिस की टीम इसमें सहयोग कर रही है।
मुंबई और राजस्थान पुलिस की टीम ने पिछले दो दिन में आसाराम और नारायण साई की संपत्तियों के बारे में राज्य के विभिन्न स्त्रोतों से रिकॉर्ड लिया है। साई के पास से वर्ष 2006-07 में 50 करोड़ से अधिक की राशि के म्यूचुअल फंड और निवेश के सुबूत मिले थे। इस राशि पर करीब आठ साल की अवधि से टैक्स, ब्याज और पेनाल्टी की गणना हो रही है। आयकर विभाग की मानें तो करीब 17 करोड़ का टैक्स और इतना ही ब्याज बनता है। इसके अलावा पेनाल्टी कम से कम टैक्स की राशि के बराबर और अधिकतम इसके तीन गुना तक हो सकती है।
तीसरी बार जमानत अर्जी खारिज :
इस बीच जोधपुर जिला अदालत ने गुरुवार को तीसरी बार आसाराम की जमानत अर्जी खारिज कर दी। वह स्वास्थ्य आधार पर जमानत मांग रहे थे। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आसाराम की तबीयत बिल्कुल ठीक है। ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दिया जाना चाहिए।
Source : http://www.jagran.com/news/national-court-rejects-asaram-bapus-third-bail-plea-11225998.html

Court rejects (आसाराम बापू) Asaram Bapu's third bail plea

Court rejects Asaram Bapu's third bail plea.....

Court rejects Asaram Bapu's third bail plea
File picture of Asaram Bapu.
Jodhpur:  A district and sessions court here in Jodhpur rejected the third bail application of self-styled Godman Asaram Bapu sought on health grounds, which the public prosecutor claims is normal.

According to the Public Prosecutor RL Meena, Asaram had sought bail on health grounds besides other reasons, which have been mentioned in his previous bail application.

"But we objected and produced his health reports, which have come out to be normal," Meena said.

Jodhpur district court judge Manoj Kumar Vyas rejected the bail application considering no change in the circumstances and also because, the trial of Asaram's case had begun.

On two previous occasions, the High Court also rejected his bail application.

The self-styled Godman had been admitted to the Ayurveda hospital of Jodhpur's Ayurveda University for more than two weeks for the treatment of different ailments and was discharged early this week.

Before this, the High Court had rejected all the applications moved by his counsels pleading to consider the accused as an adult, provide the recordings and video footage of the recording of the victim's statements and the call details of her parents.

Source : http://www.ndtv.com/article/india/court-rejects-asaram-bapu-s-third-bail-plea-506940

Wednesday, 9 April 2014

आपकी राय: खुद को भगवान समझने वाले आसाराम बापू पर यौनशोषण के आरोपों पर आप क्‍या कहते हैं?

आपकी राय: खुद को भगवान समझने वाले आसाराम बापू पर यौनशोषण के आरोपों पर आप क्‍या कहते हैं?


मुंबई। आध्यात्मिक गुरु आसाराम बापू के खिलाफ यौनशोषण का केस दर्ज कराया गया है। दिल्ली के कमला नगर में एक नाबालिग लड़की ने यह मामला दर्ज कराया है। लड़की यूपी की रहनेवाली है, लेकिन उसके दिल्ली में केस दर्ज कराया है। लड़की जोधपुर के गुरुकुल में पढ़ती है उसने आरोप लगाया है कि आसाराम बापू ने उसे अपने आश्रम में बुलवाकर उसके साथ बदसलूकी की। फिलहाल मामला दिल्ली में दर्ज किया गया है और बाद में जोधपुर में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। आसाराम राम बापू एक बड़ी शख्सियत हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ करना पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। नाबालिग लड़की ने आसाराम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आसाराम पर पहले भी कई गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन पहली बाहर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। इससे पहले उनके आश्रम में बच्‍चों की मौत के कई मामले सामने आए थे। इतना ही नहीं, आसाराम इससे पहले भी कई बार विवादों में घिर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्‍हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। आसाराम हर बार ये कहकर बच निकलते हैं कि ये उन्‍हें बदनाम करने की साजिश है।   
Source : http://khabar.ibnlive.in.com/latest-news/news/Your-Comment-Over-Sexual-Assault-Case-Registered-Against-Asaram-Bapu-2024772.html?utm_source=RHS&ref=hindi.in.com


सेक्सकांड में फंसे बापू के खिलाफ आचार्य प्रमोद बोले, ‘संत का चोला छोड़ आसाराम अब शादी कर लो’

सेक्सकांड में फंसे बापू के खिलाफ आचार्य प्रमोद बोले, ‘संत का चोला छोड़ आसाराम अब शादी कर लो’



नई दिल्ली। संत आसाराम बापू के खिलाफ एक लड़की ने यौन उत्पीड़न, हत्या की धमकी और जबरन बंधक बनाने का मामला दर्ज कराया है। दिल्ली पुलिस ने ये मामला दर्ज कर इसे जोधपुर ट्रांसफर कर दिया है। उधर, आसाराम के खिलाफ संत समाज से भी आवाज उठने लगी है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि आसाराम को अब शादी कर लेनी चाहिए।

आसाराम पर FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जीरो नंबर की एफआईआर दर्ज की है। इसका मतलब होता है कि वारदात कहीं और हुई है और एफआईआर किसी दूसरी जगह दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस ने इस केस को जोधपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है। पुलिस ने नाबालिग लड़की की शिकायत पर जो धाराएं आसाराम पर लगाई हैं वो बेहद संगीन हैं। पुलिस ने धारा 376 यानि यौन उत्पीड़न, धारा 342 यानि जबरन बंधक बनाकर रखना, धारा 506 यानि जान से मारने की धमकी देना और पॉस्को यानि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन अगेंस्ट सेक्सुअल ऑफेंस के तहत मामला दर्ज किया है।

आसाराम के खिलाफ आरोपों की जांच जोधपुर पुलिस ने एसीपी चंचल मिश्रा को सौंपी है। दिल्ली पुलिस की टीम ने मेडिकल जांच और एफआईआर समेत तमाम रिकॉर्ड जोधपुर पुलिस को सौंपे। जोधपुर पुलिस अब पीड़िता के बयान के आधार पर मौके पर जाकर जांच करेगी। आसाराम को तलब किया जा सकता है या फिर गिरफ्तारी हो सकती है।

संत का चोला छोड़ वैवाहिक जीवन बिताएं बापू
उधर, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आसाराम के बारे में कहा है कि विवादों से उनका चोली-दामन का साथ है। बापू को अब शादी कर लेनी चाहिए। संत का चोला छोड़ें और वैवाहिक जीवन बिताएं। उनके देश में समर्थक हैं इस पर कोई शक नहीं। जिसके पीछे लाखों लोग होते हैं, उसमें कुछ खास तो होता ही है। शायद भगवान की ज्यादा कृपा से उनकी बुद्धि सठिया गई है इसलिए शादी कर लें।
क्या है मामला
सूत्रों ने बताया कि यह घटना अगस्त महीने के पहले सप्ताह की है। गुरुकुल में लड़की की तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश में रहने वाले उसके माता-पिता को सूचना दी गई। वे गुरुकुल पहुंचे तो उनसे कहा गया कि लड़की की तबीयत में फिलहाल सुधार है, लेकिन पूरी तरह से ठीक होने के लिये अनुष्ठान की जरूरत है और अनुष्ठान खुद बापू ही करेंगे। इसलिए लड़की को बापू के पास ही ले जाओ। इसके बाद लड़की के माता-पिता उसे जोधपुर के नजदीक उस स्थान पर ले गए, जहां पर आसाराम ठहरे थे। आरोप है कि आसाराम ने अभिभावकों को वहां से चले जाने और लड़की को उनके पास छोड़ जाने को कहा। बापू ने कहा कि रातभर की पूजा और अनुष्ठान से लड़की हमेशा के लिए ठीक हो जाएगी। आरोप है कि बापू ने यह भी कहा कि वह लड़की को दैवीय शक्ति देकर बड़ी वक्ता भी बना देंगे। आसाराम बापू के आश्वासन पर अभिभावक अपनी बेटी को वहीं छोड़ चले गए। उसी रात लड़की का रेप करने का प्रयास किया गया। इसके बाद लड़की घर लौट आई और उसने कई दिनों बाद अपने घरवालों को पूरी बात बताई।

आसाराम बापू के पुराने विवाद-
भक्त को मारी लात: हाल ही में आसाराम बापू के खिलाफ एक भक्त को लात मारने के मामले में कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया। बापू पर आरोप है कि शहर के मैदा मिल परिसर में प्रवचन के बाद पैर छूने झुके भक्त अमान सिंह दांगी को उन्होंने लात मारकर अभद्रता की थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

पत्रकार को मारा थप्पड़: समय-समय पर आपा खोने वाले आसाराम ने कुछ महीनों पहले गाजियाबाद में भी एक पत्रकार के सवाल पूछने पर उसे घूंसा रसीद कर दिया था। आरोप है कि रोहित गुप्ता नाम का पत्रकार आसाराम बापू के समारोह की कवरेज करने गया था। इसी दौरान आसाराम के समर्थकों ने पत्रकार पर हमला कर दिया और उसकी पिटाई की। पत्रकार का आरोप है कि आसाराम बापू ने ही समर्थकों को हमले के लिए उकसाया था।

हड़प गए 700 करोड़ की जमीन?: आसाराम और उनके बेटे पर मध्य प्रदेश के रतलाम में 700 करोड़ रुपए की जमीन हड़पने का संगीन आरोप लगा है। आरोप है कि साल 2001 में रतलाम की एक फैक्ट्री की जमीन आसाराम ने सतसंग के लिए किराए पर ली थी, जिसपर उन्होंने कब्जा जमा लिया। नारायण साईं की वेबसाईट में मंदिर के पास की जमीन आसाराम अपनी बता रहे हैं। पूरे 200 एकड़ जमीन कब्जा करने का आरोप आसाराम पर लग रहा है। आरोप है कि मध्य प्रदेश के रतलाम की 200 एकड़ जमीन पर आसाराम और उनके बेटे नारायण ने साल 2001 से कब्जा कर रखा है।

पानी किसी के बाप का नहीं: होली में पानी बचाने की अपील पर भी आसाराम ने विवादित बयान दिया था। 27 मार्च 2013 को आसाराम ने ये बयान दिया था कि पानी किसी के बाप का नहीं है। ये बयान उन्होंने तब दिया जब लोगों ने उनके द्वारा हजारों लीटर पानी बर्बाद करने का आरोप लगाया। आपको बता दें कि सूरत में आसाराम बापू ने हजारों लीटर पानी से होली खेली थी। बापू ने कहा कि हम किसी सरकार या सरकार के बाप का पानी नहीं लेते।

आसाराम बोले, बलात्कारियों को भाई क्यों नहीं बोला?: आसाराम बापू के मुताबिक दिल्ली गैंगरेप घटना के लिए पीड़ित लड़की भी जिम्मेदार थी क्योंकि ताली एक हाथ से नहीं बजती। उनका तो यह भी मानना था कि 6 आरोपियों के सामने अगर वह उनको रोकने की गुहार लगाती तो शायद वह बच सकती थी। इससे उसकी इज्जत और जिंदगी दोनों बनी रहती।
राहुल गांधी कम बुद्धि वाले बबलू: 9 अक्टूबर 2011 को दिल्ली में आसाराम बापू का एक ध्यान शिविर आयोजित किया गया था। जिसमें उन्होंने राहुल गांधी के लिए भी एक विवादित बयान दे डाला था। आसाराम बापू ने कहा कि राहुल गांधी कम बुद्धि वाले बबलू हैं।
Source :  http://khabar.ibnlive.in.com/latest-news/national/acharya-pramod-takes-a-dig-on-asaram-2025772.html?utm_source=RELATED&ref=hindi.in.com

ये है नाबालिग के साथ सेक्सकांड में फंसे आसाराम के विवादों की पूरी कहानी

ये है नाबालिग के साथ सेक्सकांड में फंसे आसाराम के विवादों की पूरी कहानी

 


नई दिल्ली। आध्यात्मिक गुरु आसाराम बापू के खिलाफ यौनशोषण का केस दर्ज कराया गया है। दिल्ली के कमला मार्केट थाने में एक नाबालिग लड़की ने मामला दर्ज कराया। लड़की यूपी की रहने वाली है, लेकिन उसके दिल्ली में केस दर्ज कराया है। लड़की जोधपुर के गुरुकुल में पढ़ती थी, उसने आरोप लगाया है कि आसाराम बापू ने उसे अपने आश्रम में बुलवाकर उसके साथ रेप करने की कोशिश की। दूसरी ओर आसाराम बापू ने खुद पर लगाए सभी आरोप खारिज कर दिये हैं। उनका कहना है कि ये आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं, जिनका सचाई कोई लेना देना नहीं है। आसाराम बापू की प्रवक्‍ता नीलम दुबे का कहना है कि जांच हो जाने दीजिये दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। नीलम का कहना है कि ये आरोप मनगढ़ंत और छवि खराब करने की साजिश का हिस्‍सा है।

जोधपुर ट्रांसफर किया गया केस
फिलहाल मामला दिल्ली में दर्ज किया गया है और बाद में जोधपुर में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। आसाराम राम बापू एक बड़ी शख्सियत हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ करना पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। नाबालिग लड़की ने आसाराम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आसाराम पर पहले भी कई गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन पहली बाहर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।

अगस्‍त महीने की है घटना
सूत्रों ने बताया कि यह घटना अगस्त महीने के पहले सप्ताह की है। गुरुकुल में लड़की की तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश में रहने वाले उसके माता-पिता को सूचना दी गई। वे गुरुकुल पहुंचे तो उनसे कहा गया कि लड़की की तबीयत में फिलहाल सुधार है, लेकिन पूरी तरह से ठीक होने के लिये अनुष्ठान की जरूरत है और अनुष्ठान खुद बापू ही करेंगे। इसलिए लड़की को बापू के पास ही ले जाओ। इसके बाद लड़की के माता-पिता उसे जोधपुर के नजदीक उस स्थान पर ले गए, जहां पर आसाराम ठहरे थे। आरोप है कि आसाराम ने अभिभावकों को वहां से चले जाने और लड़की को उनके पास छोड़ जाने को कहा।

आसाराम ने दिया दैवीय शक्‍ित का झांसा

बापू ने कहा कि रातभर की पूजा और अनुष्ठान से लड़की हमेशा के लिए ठीक हो जाएगी। आरोप है कि बापू ने यह भी कहा कि वह लड़की को दैवीय शक्ति देकर बड़ी वक्ता भी बना देंगे। आसाराम बापू के आश्वासन पर अभिभावक अपनी बेटी को वहीं छोड़ चले गए। उसी रात लड़की का रेप करने का प्रयास किया गया। इसके बाद लड़की घर लौट आई और उसने कई दिनों बाद अपने घरवालों को पूरी बात बताई।

आसाराम बापू के पुराने विवाद-

भक्त को मारी लात: हाल ही में आसाराम बापू के खिलाफ एक भक्त को लात मारने के मामले में कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया। बापू पर आरोप है कि शहर के मैदा मिल परिसर में प्रवचन के बाद पैर छूने झुके भक्त अमान सिंह दांगी को उन्होंने लात मारकर अभद्रता की थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

पत्रकार को मारा थप्पड़:
समय-समय पर आपा खोने वाले आसाराम ने कुछ महीनों पहले गाजियाबाद में भी एक पत्रकार के सवाल पूछने पर उसे घूंसा रसीद कर दिया था। आरोप है कि रोहित गुप्ता नाम का पत्रकार आसाराम बापू के समारोह की कवरेज करने गया था। इसी दौरान आसाराम के समर्थकों ने पत्रकार पर हमला कर दिया और उसकी पिटाई की। पत्रकार का आरोप है कि आसाराम बापू ने ही समर्थकों को हमले के लिए उकसाया था।

हड़प गए 700 करोड़ की जमीन?:
आसाराम और उनके बेटे पर मध्य प्रदेश के रतलाम में 700 करोड़ रुपए की जमीन हड़पने का संगीन आरोप लगा है। आरोप है कि साल 2001 में रतलाम की एक फैक्ट्री की जमीन आसाराम ने सतसंग के लिए किराए पर ली थी, जिसपर उन्होंने कब्जा जमा लिया। नारायण साईं की वेबसाईट में मंदिर के पास की जमीन आसाराम अपनी बता रहे हैं। पूरे 200 एकड़ जमीन कब्जा करने का आरोप आसाराम पर लग रहा है। आरोप है कि मध्य प्रदेश के रतलाम की 200 एकड़ जमीन पर आसाराम और उनके बेटे नारायण ने साल 2001 से कब्जा कर रखा है।

पानी किसी के बाप का नहीं: होली में पानी बचाने की अपील पर भी आसाराम ने विवादित बयान दिया था। 27 मार्च 2013 को आसाराम ने ये बयान दिया था कि पानी किसी के बाप का नहीं है। ये बयान उन्होंने तब दिया जब लोगों ने उनके द्वारा हजारों लीटर पानी बर्बाद करने का आरोप लगाया। आपको बता दें कि सूरत में आसाराम बापू ने हजारों लीटर पानी से होली खेली थी। बापू ने कहा कि हम किसी सरकार या सरकार के बाप का पानी नहीं लेते।

आसाराम बोले, बलात्कारियों को भाई क्यों नहीं बोला?: आसाराम बापू के मुताबिक दिल्ली गैंगरेप घटना के लिए पीड़ित लड़की भी जिम्मेदार थी क्योंकि ताली एक हाथ से नहीं बजती। उनका तो यह भी मानना था कि 6 आरोपियों के सामने अगर वह उनको रोकने की गुहार लगाती तो शायद वह बच सकती थी। इससे उसकी इज्जत और जिंदगी दोनों बनी रहती।
 
Source :  http://khabar.ibnlive.in.com/latest-news/news/Police-Registered-A-Case-As-Minor-Accuses-Asharam-For-Sexual-Assault-2025492.html?utm_source=RHS&ref=hindi.in.com

टूटने लगे आसाराम के साधक

टूटने लगे आसाराम के साधक....

शाहजहांपुर : आसाराम बापू के खिलाफ नित नए सबूत मिलने पर अब उनके साधक भी टूटने लगे है। आसाराम को भगवान मानने वाले साधक भी अब उनको शैतान कहने से गुरेज नहीं कर रहे। पीलीभीत के एक साधक ने इसकी बानगी पेश कर दी। सोमवार को इस साधक ने शाहजहांपुर पहुंचकर पीड़िता का घर तलाशा। वहां तैनात पुलिस कर्मियों को पीड़िता के पिता के नाम मानव के देवता और शैतान बनने की कहानी शीर्षक का एक पत्र सौंपा।
पीलीभीत के राजाबाग कालोनी निवासी महेश भागवानी नाम के व्यक्ति ने पीड़िता के पिता को दिए गए पत्र में कहा कि भगवान की तरह आसाराम को पूजने वाली नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म से वह हैरान व परेशान है। बागवानी से कहा कि आसाराम खुद को भगवान कहते हैं, यदि ऐसा है तो वह भगवान से साक्षात्कार से बच जाएंगे, यदि देवी स्वरूपा कन्या के साथ दुष्कर्म किया है तो उनकी शक्तिया नष्ट होंगी और उन्हें जेल में रहना होगा। भागवानी ने साधकों का आह्वान किया कि अब वह अंध भक्ति से बाहर आकर इंतजार करें। यदि आसाराम वाकई भगवान है, उनके पास शक्ति है तो वह खुद बाहर आ जाएंगे, अन्यथा की स्थिति में साधकों को खुद सोचना चाहिए, बहादुर बेटी सही है या फिर आसाराम..।
फोन से परेशान रहा न्यूयार्क का सुखविंदर
न्यूयार्क के सुखविंदर के पास भारत से तमाम लोगों का फोन गया। छह लोगों ने सुखविंदर की सराहना की, जबकि एक महिला ने आसाराम को संत बताते हुए टिप्पणी के लिए कोसा। सुखविंदर ने जागरण को बताया कि रात में उसके मोबाइल पर कई मिस कॉल थी। सुबह जब उसने फोन किया तो वाराणसी, मथुरा, दिल्ली, गाजियाबाद आदि क्षेत्रों के लोगो की काल थी। सुखविंदर ने बताया कि पीड़िता की दिलेरी की सराहना के लिए उसे लोगों ने बधाई दी, लेकिन मथुरा से काल करने वाली एक महिला ने आलोचना की। महिला का कहना था कि वह शाहजहांपुर की निवासी है, उसके बापू ऐसा काम नहीं कर सकते। सुखविंदर ने बताया कि वह फोन से बेहद परेशान रहा, लेकिन खुशी इस बात की है कि उसकी भावना को लोगों ने समझा और सराहा..।

Source : http://www.jagran.com/news/state-asaram-10747676.html

'सच का सामना' करें आसाराम

'सच का सामना' करें आसाराम

शाहजहांपुर : आसाराम बापू के समर्थन में चल रही लामबंदी से दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के पिता खासे आहत हैं। उन्होंने ऐसे अंध भक्तों के लिए चुनौती भी दी है कि अगर घटना झूठी है तो आसाराम 'सच का सामना' करके दिखाएं। मांग उठाई, पुलिस आसाराम का पॉलीग्राफ टेस्ट और ब्रेन मैपिंग कराए। इन मेडिकल टेस्ट से दुनिया खुद ही सच जान जाएगी और झूठ बेनकाब होगा। वह चाहे मैं ही क्यों न हूं।
'जागरण' से बातचीत में पीड़िता के पिता ने कहा कि तमाम वैज्ञानिक विधियां है, जिनके जरिए सच का पता किया जा सकता है। यदि साधक उनकी बेटी को गलत और बापू को सही मानते हैं तो पुलिस यह टेस्ट जरूर कराए। नारको टेस्ट हो। उन्होंने कहा कि उनका परिवार हर तरह की जांच के लिए तैयार है। पीड़िता के पिता ने सीबीआइ जांच पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग आसाराम का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें भी सीबीआइ जांच की मांग करनी चाहिए, ताकि सत्य का पता चल सके और समय रहते वह भी छल से बच सकें।
भ्रमित करने में माहिर हैं आसाराम
छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि आसाराम बापू और उनके दत्तक पुत्र सुरेशानंद लोगों को भ्रमित करने में माहिर हैं। जो कोई भी उनसे एक बार आंखों में आंखों डालकर बात कर लेता है, वह फिर उन्हें छोड़ नहीं पाता। ऋषि प्रसाद समेत कुछ खास साहित्य के जरिये साधकों को घर बैठे सम्मोहित करने की कोशिश की जाती है। दीक्षा के दौरान आसाराम साधकों को मीडिया के खिलाफ भड़काकर उन्हें न्यूज चैनल के बजाय आश्रम से जुड़े तीन चैनल देखने की सलाह देते हैं। जबकि सुरेशानंद गुरु के प्रति निष्ठा व उन्हें भगवान मान पूजने को प्रेरित करते हैं।
छात्रा के पिता ने बताया कि ऋषि प्रसाद पत्रिका पढ़ने के बाद वह 2001 में बरेली सत्संग को गए। वहां की व्यवस्था देख इस कदर प्रभावित हुए कि अप्रैल 2001 में ही अहमदाबाद जाकर दीक्षा ले ली। दीक्षा में आसाराम बापू ने मीडिया वालों को धर्म विरोधी, संत विरोधी, संस्कृति विरोधी बताते हुए न्यूज चैनल कदापि न देखने की सलाह दी। दत्तक पुत्र सुरेशानंद ने गुरु को ही भगवान का स्वरूप बताते हुए सच्ची निष्ठा को प्रेरित किया। प्रति माह गुरु के दर्शन (पूनम दर्शन) को मन वांछित फल वाला बताया। तीसरे मंत्र में साधना, सेवा और जप के लिए प्रेरित किया गया लेकिन अब उनकी असलियत का पता चला।

Source :  http://www.jagran.com/news/state-aasaram-case-10715714.html

आसाराम का पीड़िता से सामना आज

आसाराम का पीड़िता से सामना आज
शाहजहांपुर : बुधवार को दुष्कर्म आरोपी आसाराम का पीड़िता से सामना होगा। जोधपुर कोर्ट ने पीड़िता को बयान के लिए बुला लिया है। उधर कोर्ट के निर्देश पर आसाराम को आयुर्वेदिक अस्पताल से भी छुट्टी दे दी गई। इसी बीच आसाराम की जमानत पर भी सुनवाई होगी।
जोधपुर के सिविल कोर्ट में बुधवार को पहले आसाराम की जमानत पर सुनवाई होगी, इसके बाद पीड़िता के बयान दर्ज होंगे। इससे पूर्व पीड़िता को कोर्ट ने 25 मार्च को बयान के लिए बुलाया था। लेकिन आसाराम के वकीलों ने आरोपी की मौजूदगी में बयान दर्ज किए जाने की दलील देकर नौ अप्रैल की तारीख ले ली थी। पीड़िता के वकील की दलील पर कोर्ट ने आसाराम को आयुर्वेदिक अस्पताल से छुट्टी दे दी है। लेकिन आसाराम के वकीलों ने जमानत की अर्जी फिर से डाल दी है। इस पर कोर्ट बुधवार को ही सुनवाई करेगा।

Source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-11220014.html

आसाराम की जांच सीबीआई के हाथ?

आसाराम की जांच सीबीआई के हाथ?

जयपुर [नरेन्द्र शर्मा]। जोधपुर स्थित आश्रम की कुटियां में नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे आसाराम बापू प्रकरण और इस मामले में अब तक की कार्रवाई की पड़ताल जल्द ही सीबीआई के हाथों में जा सकती है। दरअसल, बुधवार को मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।
मुख्य न्यायाधीश अमिताव रॉव और न्यायाधीश अरुण भंसाली की खण्डपीठ ने बुधवार को इस पर प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई करने के आदेश दिए है। दिल्ली निवासी अजय गौतम की ओर से यह याचिका पेश की गई है।
मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ में बुधवार को याचिकाकर्ता ने स्वयं पैरवी करते हुए कहा कि आसाराम मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से लगता है कि पुलिस दबाव में कार्य कर रही है। उन्होंने फास्ट ट्रेक कोर्ट में मामले की सुनवाई करने और सीबीआई से अनुसंधान करवाने का आग्रह किया।
प्रारम्भिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई करने का आदेश दिया। 21 अगस्त को आसाराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके दो दिन बाद आसाराम अपने आश्रम में पीडि़ता नाबालिग छात्रा को धमकाते हैं कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने वालों को पछताना पड़ेगा। 26 अगस्त को पुलिस उपायुक्त बयान देते हैं कि आसाराम के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 के आरोप साबित नहीं होते। 30 अगस्त तक आसाराम को पुलिस के समक्ष पेश होने की मोहलत दी जाती है। जबकि आसाराम की जगह अन्य कोई आरोपी होता तो उसे सबसे पहले गिरफ्तार किया जाता फिर कोई अन्य कार्रवाई होती। 31 अगस्त को एफआईआर दर्ज होने के दस दिन बार आसाराम को गिरफ्तार किया गया। मामले की सहआरोपी शिल्पी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगता है। इधर इस मामले में फरार चल रही आसाराम के छिंदवाडा स्थित गुरूकुल की वॉर्डन शिल्पी ने बुधवार को अग्रिम जमानत की याचिका लगाई है।
Source : http://www.jagran.com/news/state-10718216.html

आसाराम के काले धन की जांच रिपोर्ट भेजी मुंबई, गुजरात

आसाराम के काले धन की जांच रिपोर्ट भेजी मुंबई, गुजरात....

जयपुर, जागरण संवाद केंद्र। राजस्थान के आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने जोधपुर जेल में बंद आसाराम बापू और उसके बेटे नारायण सांई के राजस्थान में काला धन होने की जांच रिपोर्ट गुजरात और मुंबई आयकर विभाग को भेजी है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आसाराम और नारायण सांई का राजस्थान के जोधपुर और उदयपुर में अच्छा खासा निवेश है। इन्होंने जोधपुर में म्युच्युअल फंड और उदयपुर में सेवकों के माध्यम से निवेश कर रखा है।
आयकर विभाग राजस्थान की अन्वेषण शाखा ने इस संबंध में आसाराम और उसके बेटे को दो बार नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा था लेकिन उन दोनों की ओर से अब तक कोई भी जवाब नहीं आया। इस पर आयकर विभाग ने इस निवेश को कालाधन मानकर इसकी जांच रिपोर्ट मुंबई और गुजरात आयकर विभाग को भेजी है।
गौरतलब है कि आयकर विभाग राजस्थान को काफी समय से यह सूचना मिल रही थी कि आसाराम और नारायण सांई का राजस्थान में काला धन निवेश किया गया है। इस पर विभाग ने दोनों के निवेश की जानकारी जुटाई और उसकी जांच रिपोर्ट तैयार की।
हालांकि आसाराम का आयकर संबंधी पूरा नाम मुंबई और गुजरात में होता है इसलिए जांच रिपोर्ट इन दोनों जगहों पर भेजी गई है।
Source : http://www.jagran.com/rajasthan/jaipur-11205688.html
 

Tuesday, 1 April 2014

आफत में आसाराम :हवाला से रोज करोड़ों की आय

आफत में आसाराम :हवाला से रोज करोड़ों की आय
शाहजहांपुर : दुष्कर्म के आरोप में फंसे आसाराम हवाला कारोबार के भी माफिया हैं। यह खुलासा किया पीड़िता के गवाह और आसाराम के पूर्व सचिव राहुल के सचान ने। 'जागरण' से बातचीत में उन्होंने कहा कि सूरत पुलिस ने तो शुरुआती जांच में दस हजार करोड़ की संपत्ति के कागजात पाए। जबकि देश में हजारों साधकों के यहां ऋषि प्रसाद पत्रिका के बंडलों में करीब दो लाख करोड़ की संपत्ति के कागजात भरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि दान, गौशाला, सत्संग, गरीब बच्चों की शिक्षा व सेवा के नाम पर मिलने वाली रकम को हवाला में लगाकर आसाराम और उसका बेटा नारायण साई डेढ़ दशक पूर्व प्रतिदिन 1.90 करोड़ रोज ब्याज के रूप में कमाते थे। अब ब्याज की राशि दस करोड़ प्रतिदिन से अधिक हो सकती है। यही वजह है कि ईडी ने भी जांच शुरू कर दी है। यदि ठीक से जांच हुई तो आसाराम के आर्थिक साम्राज्य का सच सामने आ जाएगा।
कानपुर निवासी राहुल के सचान आसाराम के निजी सचिव समेत वित्तीय मामले के प्रमुख सेवादार व खजांची रहे। एमबीए पास आउट राहुल ने करीब दशक भर तक आसाराम के अति गोपनीय मामलों की जिम्मेदारी संभाली। मुंहबोली बहन के साथ दुष्कर्म देख उन्होंने आसाराम का साथ छोड़ दिया। शाहजहांपुर की पीड़िता पक्ष के राहुल गवाह है। जोधपुर के अलावा सूरत, अहमदाबाद पुलिस ने भी राहुल को आसाराम और नरायण साई के मामल में सरकारी गवाह बनाया है। 'जागरण' से बातचीत में राहुल के सचान ने दावा किया कि आसाराम का हवाला कारोबार अमेरिका, मिडलैंड, दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, इंदौर, जोधपुर, भोपाल, कानपुर आदि समेत दर्जनों महानगरों व नगरों तक फैला है। कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों में आसाराम के हवाला का पैसा लगा है। उन्होंने बताया कि नेटवर्क में जुड़े विश्वासपात्र साधकों के माध्यम से जमाए गए कारोबार की बदौलत 1998 में ही हवाला से 1.9 करोड़ प्रतिदिन ब्याज के रूप में आय थी। त्योहारी दान, पेटी दान, आश्रम निर्माण चंदा, गरीब बच्चों की पढ़ाई में सहयोग से मिलने वाली राशि के साथ ही दान में मिलने वाला सोना भी हवाला का हिस्सा होता था। राहुल ने दावा किया देश में तमाम साधक के यहां आसाराम की बेनामी संपत्ति के कागजात तथा रुपया ऋषि प्रसाद पत्रिका के बंडलों में भरा पड़ा है। राहुल का कहना है कि आसाराम का जिस दिन पाप की कमाई से खड़ा आर्थिक साम्राज्य ढहना शुरू होगा उसी दिन से वह हार मानेगा अन्यथा वह गवाहों और पीड़ितों को हमले से डराकर बच निकलेंगे।
source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-millaniyam-earn-by-havala-11199773.html


भले चंगे आसाराम जेल से कैसे गए अस्पताल...?

भले चंगे आसाराम जेल से कैसे गए अस्पताल...?
भले चंगे आसाराम जेल से कैसे गए अस्पताल...?













जोधपुर। नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे आसाराम बापू को अभी हाल ही में अनिंद्रा और बदन दर्द की शिकायत के बाद आयुर्वेद अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि वह ‘अनंत वात’ से ग्रसित हैं और उन्हें अपनी शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई हो रही है। ‘पंच कर्म’ से उनका इलाज चल रहा है| उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच थर्ड फ्लोर पर तीन बेड के विशेष वार्ड में रखा गया। लेकिन अभी जो खबर आ रही है वह बेहद हैरान कर देने वाली है| अस्पताल सूत्रों की माने तो आसाराम को कोई बीमारी नहीं है वह बिल्कुल चंगे भले है| दिन में तीन बार भोजन कर रहे हैं और सुबह उठकर कम से कम पचास बैठक लगाते हैं| योगा करते हैं और जो चाहे वह खाते पीते हैं| अस्पताल में आसाराम अपनी मालिश तो करवा ही रहे हैं साथ ही उनकी वर्जिश भी जारी है| आसाराम की निगरानी में लगे थानेदार जे एस चौधरी ने भी कहा है कि आसाराम को कोई बीमारी नहीं है वह बिलकुल स्वस्थ हैं| इसके अलावा अस्पताल के लैब टेक्नीशियन ने भी बताया कि आसाराम एकदम फिट हैं| इतना ही नहीं उनके वकील ने भी माना है कि आसाराम को कोई बीमारी नहीं है|

गौरतलब है कि आसाराम ने जेल प्रशासन से शिकायत की थी कि कुछ समय से वह अनिद्रा और बदन दर्द से ग्रसित हैं। इसके बाद जेल प्रशासन उन्हें राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय ले गया। जहाँ आसाराम का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा था कि उन्हें चलने-फिरने में ज्यादा तकलीफ हो रही है। वहीं आधे चेहरे पर अटैक आने की शिकायत है। इसमें दांत अथवा मुंह में इन्हें कभी भी अटैक आ जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि वे कई दिनों से अनंत वात का इलाज कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें चलने में भी ज्यादा तकलीफ हो रही है। इसलिए उन्हें सात दिन के लिए भर्ती किया गया है। जेल अधीक्षक राकेश मोहन शर्मा ने कहा था कि अदालत ने आसाराम के इलाज के आदेश दे रखे हैं। चिकित्सकों ने गंभीर परेशानी बताते हुए उन्हें भर्ती किया है।

अब सवाल यह उठता है कि जहाँ अस्पताल के लैब टेक्नीशियन और आसाराम के वकील उन्हें भला चंगा बता रहे हैं तो ऐसे में उन्हें जेल से अस्पताल में कैसे भर्ती कर दिया गया? वहीँ, दूसरी खबर यह भी आ रही है कि जयपुर विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को गोनेर रोड गोविंदपुरा स्थित रेप आरोपी आसाराम के आश्रम की ओर से सरकारी जमीन पर किए अतिक्रमण में से संत्सग गृह और कुछ अन्य हिस्से को ध्वस्त किया। प्राधिकरण सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्राधिकरण ने आश्रम प्रबंधकों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर यह कार्यवाही की है।

उल्लेखनीय है कि धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों की आड़ में आश्रम संचालकों ने कुल 11 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा किया था। आसाराम आश्रम ट्रस्ट की खातेदारी भूमि का क्षेत्रफल 2.12 हैक्टेयर ही है, जिसे एक भक्त ने दिया था। जबकि, सेटलमेंट विभाग की पैमाइश में मौके पर 3.96 हैक्टेयर जमीन पर कब्जा पाया गया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर हुई। खसरा संख्या 1229 में 0.30 हैक्टेयर जमीन के हिस्से पर योग साधना केन्द्र, संत निवास, बगीचा, खेती की गई है। इसी तरह 1232/1 में 0.61 हैक्टेयर भूमि के कुछ भाग पर सत्संग भवन व खेल मैदान और खसरा संख्या 1233/1 में 0.80 हैक्टेयर जमीन पर छात्रावास स्कूल का हिस्सा व पुख्ता निर्माण, खेल मैदान बनाकर कब्जा किया गया है। खसरा संख्या 1227/3 में निजी खातेदारी की जमीन में से 0.20 हैक्टेयर पर भी कब्जा होना सामने आया है। इसके अलावा कई बीघा ऎसी जमीन भी है, जहां फेंसिंग कर खेती की जा रही थी।
source : http://hindi.pardaphash.com/news/756836/756836.html
 

आसाराम बापू के आश्रम पर चला बुलडोजर....

आसाराम बापू के आश्रम पर चला बुलडोजर......

जयपुर: लंबे इंतजार के बाद जेडीए ने गोनेर रोड गोविंदपुरा रोपाड़ा स्थित आसाराम बापू आश्रम पर बुलडोजर चला ही दिया। जेडीए की करीब पौने सात बीघा भूमि से जेडीए के प्रवर्तन दस्ते ने अवैध निर्माण हटाया। इसमें औषधालय, सत्संग स्थल, कुटिया, किचन के सामने की दीवार और गेहूं की खेती के लिए की गई तारबंदी को हटाया। 
 
जेडीए ने स्कूल और हॉस्टल को सील कर रखा है, जिस पर सरकार के स्तर पर निर्णय होना बाकी है करीब ढ़ाई घंटे चली कार्रवाई में सबसे पहले आसाराम आश्रम के पीछे बनी कुटिया की दीवार को जेसीबी मशीन से तोड़ा गया। इसके बाद आश्रम के दो हिस्सों में की गई तारबंदी के साथ-साथ पक्के निर्माण हटाए गए। प्रवर्तन दस्ते की कार्रवाई के दौरान आश्रम ट्रस्ट की ओर से भी अपने स्तर पर अतिक्रमणों को हटवाया गया। जेडीए की कार्रवाई का आश्रम ट्रस्ट की ओर से कोई विरोध नहीं किया गया। 
 
आश्रम संचालक रमेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि आश्रम ने खुद की खाली जमीन पर ही स्कूल और हॉस्टल का निर्माण किया है। तत्कालीन पटवारी की ओर से की गई पैमाइश के आधार पर ये निर्माण किए गए थे। ऐसे में सरकार के स्तर पर जो भी फैसला होगा, वह हमें मंजूर है। जेडीए की जिस जमीन पर हॉस्टल और स्कूल का निर्माण किया गया है, उसे जेडीए ने सील किया है। आसाराम बापू आश्रम ट्रस्ट की ओर से इस जमीन को खरीदने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। जिस पर राय सरकार के स्तर पर फैसला लिया जाना है।
 
SOURCE:  http://www.punjabkesari.in/news/article-230387

आसाराम फंसे, हमला करने वाला पकड़ा

आसाराम फंसे, हमला करने वाला पकड़ा
अहमदाबाद। गुजरात की सूरत पुलिस ने दो बहनों के साथ बलात्कार के मामले में आसाराम के खिलाफ अहम गवाह पर हमला करने के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यहां बताया कि हमलावर अर्जुन को राजस्थान के पाली इलाके में स्थित एक आश्रम से शनिवार को गिरफ्तार किया गया। उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। सूरत पुलिस ने पिछले सप्ताह हमले के दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह एक गिरोह से ताल्लुक रखते हैं जिसने इस मामले के गवाहों की एक सूची बना रखी है। वह मामले को कमजोर करने की साजिश के तहत गवाहों को निशाना बना रहे हैं। गौरतलब है कि आसाराम के खिलाफ बलात्कार के मामले में अहम गवाह दिनेश चंदूभाई भावचंदानी पर सूरत के वेसू में गत 16 मार्च को हमला हुआ था। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि दिनेश पर इस संदेह में हमला किया गया कि वह आसाराम और उसके पुत्र नारायण साई के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराने वाली दो बहनों की मदद कर रहा है। - See more at: http://rajasthanpatrika.patrika.com/news/rape-case-against-asaram-bapu-police-arrest-one-attacker-/1137187.html#sthash.kRbjyf47.dpuf
 

आसाराम खूब खाते,मसाज कराते हैं...

आसाराम खूब खाते,मसाज कराते हैं...

जोधपुर। पिछले दिनों से आसाराम के खराब स्वास्थ्य को लेकर मीडिया सहित हर तरफ काफी खबरें आ रही थी। खुद आसाराम भी कोर्ट के साथ-साथ अपने भक्तों को भी यही कहते आए हैं कि वे काफी बीमार हैं। शायद इसीलिए उनको जोधपुर के एक आयुर्वेद अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। लेकिन गुरूवार को मीडिया में इस बारे में कुछ और ही सच्चाई सामने आने से उनके इस झूठ का पर्दाफाश हो गया है।
एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में बताया जा रहा है कि आसाराम असल में झूठ बोल रहे हैं ओर बीमारी का बहाना बना रहे हैं। उनको कुछ नहीं हुआ है और वे केवल बीमारी का बहाना ही बना रहे हैं। स्टिंग ऑपरेशन में आसाराम की सुरक्षा में लगे थानाघिकारी जीएस चौधरी को साफ तौर पर कहते हुए बताया गया कि आसाराम रोजाना खूब खा-पी रहे हैं और जम कर वर्जिश कर रहे हैं।
बताया गया है कि उनका एक खास चेला अमित यादव उनके लिए इस अस्पताल में दिन में तीन बार खाना लाता है ओर आसाराम रोज सुबह 4 बजे उठ कर 50 दंड पेलते हैं। ताजे फल-सब्जियां खाकर वे काफी तरोताजा दिखाई दे रहे हैं।
आयुर्वेद विश्वविद्यालय स्थित आयुर्वेद चिकित्सालय में भर्ती नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी आसाराम के रक्त की जांच रिपोर्ट मंगलवार को आ गई थी। इसमें सब कुछ सामान्य पाया गया था और उनको केवल स्लिप डिस्क की बीमारी बताई गई थी। इसीलिए आसाराम को आयुर्वेद इलाज और मसाज के द्वारा आराम दिलाने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन अब इस स्टिंग ऑपरेशन के दौरान इस बात का भी खुलासा हो गया कि यह सब आसाराम और उनके भक्तों की ओर से बोला गया झूठ ही था और देखा गया कि आसाराम को यह मसाज और इलाज काफी रास आ रहा है और वे इसका भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
Source : http://www.khaskhabar.com/hindi-news/National-rajasthan-news-asaram-bapu-admitted-to-hospital-eats-well-takes-massages-22519736.html


Asaram case: court says victim a minor

Asaram case: court says victim a minor

In yet another jolt to self-styled godman Asaram, lodged in the Jodhpur jail in connection with the sexual assault of a minor girl, a local court on Saturday rejected his plea claiming the victim is not a minor.
While rejecting the application filed by Asaram, district and sessions judge (Jodhpur rural) Manoj Kumar Vyas said that documents related to the victim’s age produced by the prosecution are reliable and establishing that the victim is not a major.
“Age of the victim shown in her matriculation certificate is sufficient to establish her being a minor,” Vyas observed in his judgment.
Asaram’s counsel Omkar Singh Lakhawat, through an application filed on March 25 last, had raised question over jurisdiction of the court hearing the case under various sections of the Prevention of Child from Sexual Offences (POCSO) against the godman.
He produced two documents including a school certificate of the victim when she was admitted to the nursery class, which shows the date of birth of the victim as August 6, 1995 and an LIC policy document showing her birth in 1994.
“These documents are showing that the victim is a major and Asaram cannot be prosecuted under the POCSO Act,” Lakhawat had argued before the court. But prosecution lawyers told that the court that a certificate issued by the secondary education board is a valid document to certify her age.
Asaram is lodged in the Jodhpur Central Jail since September 2 last year after he was booked for the sexual assault on a minor girl on August 21, 2013.

Source : http://www.hindustantimes.com/india-news/jaipur/asaram-case-court-says-victim-a-minor/article1-1201924.aspx