Wednesday, 9 April 2014

आसाराम की जांच सीबीआई के हाथ?

आसाराम की जांच सीबीआई के हाथ?

जयपुर [नरेन्द्र शर्मा]। जोधपुर स्थित आश्रम की कुटियां में नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे आसाराम बापू प्रकरण और इस मामले में अब तक की कार्रवाई की पड़ताल जल्द ही सीबीआई के हाथों में जा सकती है। दरअसल, बुधवार को मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।
मुख्य न्यायाधीश अमिताव रॉव और न्यायाधीश अरुण भंसाली की खण्डपीठ ने बुधवार को इस पर प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई करने के आदेश दिए है। दिल्ली निवासी अजय गौतम की ओर से यह याचिका पेश की गई है।
मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ में बुधवार को याचिकाकर्ता ने स्वयं पैरवी करते हुए कहा कि आसाराम मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से लगता है कि पुलिस दबाव में कार्य कर रही है। उन्होंने फास्ट ट्रेक कोर्ट में मामले की सुनवाई करने और सीबीआई से अनुसंधान करवाने का आग्रह किया।
प्रारम्भिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई करने का आदेश दिया। 21 अगस्त को आसाराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके दो दिन बाद आसाराम अपने आश्रम में पीडि़ता नाबालिग छात्रा को धमकाते हैं कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने वालों को पछताना पड़ेगा। 26 अगस्त को पुलिस उपायुक्त बयान देते हैं कि आसाराम के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 के आरोप साबित नहीं होते। 30 अगस्त तक आसाराम को पुलिस के समक्ष पेश होने की मोहलत दी जाती है। जबकि आसाराम की जगह अन्य कोई आरोपी होता तो उसे सबसे पहले गिरफ्तार किया जाता फिर कोई अन्य कार्रवाई होती। 31 अगस्त को एफआईआर दर्ज होने के दस दिन बार आसाराम को गिरफ्तार किया गया। मामले की सहआरोपी शिल्पी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगता है। इधर इस मामले में फरार चल रही आसाराम के छिंदवाडा स्थित गुरूकुल की वॉर्डन शिल्पी ने बुधवार को अग्रिम जमानत की याचिका लगाई है।
Source : http://www.jagran.com/news/state-10718216.html

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